नगर निगम तो शहर में अतिक्रमण विरोधी अभियान चला ही रहा है, अब लोक निर्माण विभाग ने भी अपनी सड़कों पर यातायात और विकास कार्यों में बाधक अतिक्रमण पर बुलडोजर चलाने की तैयारी कर ली है। सोमवार को पीडब्ल्यूडी की टीम ने कोहाड़ापीर से धर्मकांटा रोड पर नाले का निर्माण कराने के लिए अतिक्रमण हटाने को लाल निशान लगा दिए। केडीईएम इंटर कॉलेज के पीछे स्थित दर्जन भर से अधिक दुकानें अतिक्रमण की जद में आ रही हैं। इससे चिह्नित अतिक्रमणकारियों में हड़कंप मचा हुआ है। ज्यादातर अतिक्रमणों से पानी निकास, नाला आदि ही बंद हो गया है और आवागमन भी प्रभावित रहता है।
सोमवार को लाल निशान लगाने पहुंचे पीडब्ल्यूडी अफसरों ने बताया कि कोहाड़ापीर तिराहे से पीलीभीत मार्ग (विद्युत उपकेंद्र के आसपास) रिकॉर्ड के मुताबिक 18-20 मीटर तक चौड़ा है। मगर यहां पर व्यापारियों ने दो से चार मीटर तक सड़क की जमीन दुकानों में दबा ली है। इसमें नाला भी दबा दिया गया है। कई जगह नालियां तक गायब हो गई हैं। इसके पुनर्निर्माण के लिए अतिक्रमण हटना जरूरी है। इसको लेकर सोमवार को पीडब्ल्यूडी के अफसरों संग अमीन हरीशंकर और नगर निगम के मानचित्रकार हसन आदि ने पैमाइश कर दुकानों पर लाल निशान लगाए। कोहाड़ापीर विद्युत उपकेंद्र से भारत सेवा ट्रस्ट के बीच स्थित दर्जन भर से ज्यादा दुकानों में तोड़फोड़ की जाएगी। टीम ने निशान लगाकर व्यापारियों को कब्जे हटाने की चेतावनी दी है। इससे वहां हड़कंप मचा हुआ है। वहीं निशान लगाने को लेकर व्यापारियों में आक्रोश है, उनका कहना है कि अवैध कब्जा एक ओर ही नहीं है। अगर उनकी दुकानें तोड़ी जाएंगी तो दूसरी ओर केडीईएम इंटर कॉलेज की दीवार भी तोड़ी जाए, वरना वे लोग विरोध करेंगे।