नगर निगम का अतिक्रमण हटाओ अभियान बृहस्पतिवार को भी सुभाषनगर में चलाया गया। अभियान के दौरान बाजपेयी स्वीट्स के पास कपड़ों की दुकान का अवैध निर्माण तोड़ने पर महिलाएं आगे आ गईं तो होमगार्ड्स ने उन्हें धकियाकर हटा दिया और फिर निगम के बुल्डोजर ने अतिक्रमण ध्वस्त कर दिया। कुल 34 दुकानों का कब्जा ढहाया गया। इस दौरान यहां का अधिकांश बाजार बंद रहा।
अभियान की शुरुआत बाजपेयी ढाल के पास से हुई और तपेश्वरनाथ मंदिर तक कार्रवाई की गई। बाजपेयी स्वीट्स से पहले मनीला और वीरेंद्र कुमार के कमल साड़ी इंपोरियम का टीन शेड सड़क की ओर निकला था। अतिक्रमण दस्ते ने कार्रवाई की बात कही तो विरोध शुरू हो गया। महिलाएं निर्माण वैध बताकर बुल्डोजर के सामने खड़ी हो गईं। होमगार्ड्स ने महिलाओं को धकियाकर वहां से हटा दिया और फिर अतिक्रमण ध्वस्त कर दिया गया। बाजपेयी स्वीट्स वालों ने अपनी दीवार स्वयं तोड़ ली थी। उनके बराबर में प्रकाश ज्वैलर्स और ओम ज्वैलर्स के टीन शेड भी बाहर निकले थे, टीम ने उन्हें भी ध्वस्त कर दिया। यहां सामान हटाने के दौरान हितेश नाम का युवक होमगार्ड्स से भिड़ा तो एक होमगार्ड ने उसे थप्पड़ मार दिया, इसके बाद उसने काफी हंगामा किया। इसके बाद मारवाड़ी किराना स्टोर का चार फिट से भी ज्यादा बाहर निकला छज्जा तोड़ दिया गया। शेर बिल्डिंग के सामने केसी फैशन बुटीक, लक्ष्मी गणेश ज्वैलर्स, बाबा पान भंडार, सत्कार इलेक्ट्रिकल्स, सोनी कास्मेक्टिस, श्रीराम ज्वैलर्स, विजय किराना, राजा फैशन ट्रेंड, रामऔतार, रामकृष्ण के भी टीन शेड और चबूतरे ध्वस्त किए गए। रामभरोसे स्वीट्स, मंगला प्रोवीजन, अक्षय कुमार भवन के अवैध निर्माण भी तोड़े गए। कार्रवाई करने वाली टीम में अतिक्रमण प्रभारी उत्तम वर्मा, विवेक कुमार, जयपाल सिंह पटेल, हीरालाल आदि मौजूद रहे।
पार्षद का चबूतरा भी तोड़ा
अभियान के दौरान सुभाषनगर के पार्षद सुभाष वर्मा की दुकानों का चबूतरा भी अतिक्रमण अभियान की चपेट में आया। यहां पर बिना किसी विरोध के कार्रवाई की गई।
शिकायत पर पहुंची टीम ने की जांच
कमल साड़ी इंपोरियम का निर्माण तोड़ने पर मनीला ने डीएम और नगर आयुक्त से शिकायत कर निर्माण वैध बताया। तहसील सदर की टीम ने मौके पर जांच पड़ताल की और बयान दर्ज किए।
साफ हुई सड़क, लोगों ने खुद तोड़े कब्जे
करीब 15 फिट चौड़ी इस सड़क पर लोगों ने दोनों ओर चार-चार फिट के छज्जे निकाल रखे थे और उनके नीचे सामान लगा रहता था। अभियान के दौरान टीम ने यह कब्जे साफ कर दिए, जिससे सड़क खुली नजर आने लगी। वहीं बाजपेयी ढाल से नीचे की ओर जाने वाली सड़क पर लोग स्वयं अपने कब्जे तोड़ते नजर आए।