बरेली। नगर निगम क्षेत्र में तालाबों पर इन दिनों जमकर कब्जा किया जा रहा है। इस संबंध में निगम के पास व मुख्यमंत्री पोर्टल पर भी करीब सौ से अधिक शिकायतें की गई हैं। पर हर बार मामला पैमाइश और जांच पर आकर अटक जाता है। इसके चलते शहर के तालाब धड़ाधड़ पट रहे हैं और उन पर कब्जा भी हो रहा है। करीब डेढ़ महीने पूर्व वार्ड 12 सनईया धन सिंह के एक तालाब पर भी कब्जे की शिकायत की गई। स्थानीय लोगों ने पार्षद समेत नगर आयुक्त और मुख्यमंत्री पोर्टल तक पर शिकायत कर दी। उधर, सैदपुर हाकिंस के पास भी साढ़े पांच बीघे तालाब की जमीन पर कब्जे की बात सामने आई। इन सब शिकायतों के बीच आखिरकार निगम के आला अधिकारियों की आंख खुल गई।
सोमवार को निगम के अतिक्रमण विभाग की ओर से सनईया धन सिंह में कार्रवाई की गई। यहां तालाब की जमीन पर कुछ लोगों ने पक्के निर्माण कर लिए थे। यह जमीन अभिलेखों में तालाब के नाम से दर्ज थी। क्षेत्रीय लोगों की शिकायत पर सोमवार को जब तालाब से अवैध निर्माण हटाने निगम की टीम मौके पर पहुंची तो उसे स्थानीय लोगों के विरोध का सामना करना पड़ा। हालांकि निगम के प्रवर्तन दल की सख्ती के आगे क्षेत्रीय लोगों की एक ना चली। क्षेत्रीय पार्षद कुसुम भी मौजूद रहीं। उन्होंने भी निगम की टीम का समर्थकों के साथ सहयोग किया। बताया कि तालाब की जमीन पर कुछ लोगों ने कब्जा कर पक्का निर्माण शुरू कर दिया था। इसकी शिकायत लोगों ने उनके साथ ही नगर निगम में की थी। उन्होंने भी इस विषय में निगम के आला अधिकारियों से बात की थी। निगम के अतिक्रमण अधिकारी ललितेश सक्सेना ने बताया कि निर्माण विभाग के जेई राजीव शर्मा के नेतृत्व में टीम गई थी। जहां से भी अवैध कब्जों की शिकायत आएगी, उसे हटा दिया जाएगा।
दिनभर खंगाली जाती रहीं फाइलें
उधर, सैदपुर हाकिंस के पास नगर निगम की साढ़े पांच बीघा जमीन पर अवैध कब्जा शुरू होने की अमर उजाला की खबर के बाद निगम के आला अधिकारियों ने इसकी फाइल तलब कर ली। इसके साथ ही निगम के ड्राफ्टमेन से इस संबंध में पूरी स्थिति स्पष्ट करने को कहा गया। सूत्रों के अनुसार निगम अधिकारियों की एक टीम जल्द ही मौके पर जाकर वस्तुस्थिति को देखेगी। इसके बाद इस संदर्भ में कार्रवाई की रूपरेखा बनाई जाएगी।