बरेली। मतगणना के बाद चुनावी प्रक्रिया लगभग पूरी हो चुकी है। नए सांसद से शहरवासियों को काफी उम्मीदें हैं। रबर फैक्टरी की जमीन पर औद्योगिक क्षेत्र विकसित हो तो यहां रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। वहीं, एम्स बनने से स्वास्थ्य सेवाएं बेहतर होंगी। आईटी पार्क विकसित होने से युवाओं का पलायन थमेगा। पर्यटन से भी यहां रोजगार की पर्याप्त संभावनाएं हैं। इसके अलावा भी क्षेत्रवासी नए सांसद से कई उम्मीदें लगाए बैठे हैं। पेश है एक रिपोर्ट...।
एम्स बने तो बेहतर होगी चिकित्सा सेवा
मेडिकल हब के नाम से पहचाने जाने वाली बरेली में एम्स की मांग उठती रही है पर अब तक सिर्फ आश्वासन ही मिला है। अब निर्वाचित प्रत्याशी के समक्ष जनता की इस मांग को केंद्र सरकार तक पहुंचाकर अमली जामा पहनाने की चुनौती है।
रबर फैक्टरी की जमीन पर विकसित हो औद्योगिक क्षेत्र
फतेहगंज पश्चिमी की बंद पड़ी रबर फैक्टरी की बेशकीमती जमीन पर औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने की मांग भी उठती रही है। इसके मालिकाना हक का प्रकरण बॉम्बे हाईकोर्ट में लंबित है। पहली चुनौती कोर्ट में मजबूत पैरवी की है और दूसरी हक में फैसला आने पर औद्योगिक क्षेत्र के मंजूरी की है।
आईटी पार्क का अटका विकास
सीबीगंज स्थित बंद पड़ी आईटीआर फैक्टरी की भूमि पर आईटी यानी साॅफ्टवेयर पार्क विकसित किया जाना प्रस्तावित है। पांच साल बाद अब बाउंड्रीवाल का निर्माण शुरू हुआ है। इस पार्क को तेजी से विकसित कराकर नामी सॉफ्टवेयर कंपनियों को बरेली में लाने में भी सांसद की अहम भूमिका रहेगी। इससे युवाओं का प्रवास थमेगा।
पर्यटन मानचित्र पर बरेली को मिले स्थान
बरेली कॉलेज की प्रो. वंदना शर्मा ने कहा कि नियोजित विकास की दृष्टि से कार्यक्रम बनाए जाएं। देश के पर्यटन मानचित्र पर बरेली को स्थान दिलाना संसद की प्राथमिकता में होना चाहिए। सांसद की उपलब्धता, साथ ही बरेली के विकास के लिए सही विजन का होना जरूरी है। बरेली कॉलेज को केंद्रीय विश्वविद्यालय का दर्जा दिलाने के लिए यदि सांसद प्रतिबद्धता दिखा सकें तो उच्च शिक्षा के क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव होगा। संवाद