बरेली। रुहेलखंड विश्वविद्यालय में कर्मचारी अवकाश नकदीकरण की मांग के समर्थन में मंगलवार को सांकेतिक हड़ताल पर रहे। हड़ताल के कारण कोई भी कर्मचारी अपने रूम में नहीं बैठा और सारा काम ठप रहा। हर रूम में तालाबंदी होने की वजह से विश्वविद्यालय में बाहर से आने वाले विद्यार्थियों को बैरंग लौटना पड़ेगा।
रुहेलखंड विश्वविद्यालय के कर्मचारी अपनी ड्यूटी पर तो पहुंचे, लेकिन अपनी सीट पर नहीं बैठे। विश्वविद्यालय का प्रशासनिक भवन लगभग बंद रहा। कमरों में ताले पड़े रहे। मिनिस्ट्रीयल स्टाफ एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. हेम गौतम, उपाध्यक्ष गुलफाम अली और महासचिव रंजीत सिंह ने बताया कि प्रदेश के विश्वविद्यालयों में कार्यरत शिक्षणेतर कर्मचारियों को सेवानिवृत्ति पर 300 दिनों के अवकाश नकदीकरण पर रोक लगने से कर्मचारियों में नाराजगी है। चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी परिषद के अध्यक्ष रामदीन, उपाध्यक्ष राजेंद्र सिंह, महामंत्री नरेंद्र कुमार ने बताया कि मांगों को लेकर कर्मचारी विभिन्न चरणों में 10 फरवरी तक आंदोलन करेंगे। 20 जनवरी को कलमबंद हड़ताल के बाद दो फरवरी को भी कर्मचारी सांकेतिक हड़ताल पर रहे। इसके बाद भी मांगें न मानी जाने पर सात फरवरी को कार्यकारिणी की बैठक कर अनिश्चितकालीन हड़ताल की घोषणा की जाएगी। कर्मचारियों ने कहा कि वह लंबे समय से मांग कर रहे हैं, लेकिन उनकी कोई नहीं सुन रहा है, इसलिए अब कर्मचारी विरोध में आ गए हैं।