बरेली। वेतन न मिलने से नाराज सिटी बस सर्विसेज के कर्मचारी शुक्रवार को हड़ताल पर चले गए। इससे छह घंटे तक सिटी बसों के पहिए थमे रहे। दोपहर 12 बजे के बाद अधिकारियों ने जल्द वेतन भुगतान का आश्वासन दिया तो कर्मचारी काम पर लौटे और सिटी बस सेवा शुरू हो सकी। इस दौरान अलग-अलग रूटों पर यात्रियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
सिटी बस सर्विसेज के तहत शहर में बरेली-फतेहगंज पश्चिमी, बरेली-शीशगढ़, बरेली-शाही और बरेली-मनौना रूट पर 25 ई-बसों का संचालन किया जाता है। शुक्रवार सुबह चालक-परिचालक स्वालेनगर डिपो पहुंचे तो पता लगा कि वहां के सभी कर्मचारी हड़ताल पर हैं। डिपो में पांच गार्ड हैं। वह भी डिपो का गेट बंद कर हड़ताल पर चले गए। ऑपरेशन मैनेजर, हाउस कीपिंग स्टाफ भी शामिल हो गए। कर्मचारियों ने बसों को डिपो से निकलने ही नहीं दिया।
दरअसल, कर्मचारियों को अक्तूबर के वेतन का भुगतान अब तक नहीं किया गया है। अथॉरिटी ने उनको 20 नवंबर तक वेतन भुगतान का आश्वासन दिया था। बृहस्पतिवार को भी कर्मचारियों ने अधिकारियों से संपर्क किया, लेकिन संतोषजनक जवाब नहीं मिला। इस पर शुक्रवार को उन्होंने हड़ताल कर दी। अब उनको 25 नवंबर तक वेतन भुगतान का आश्वासन दिया गया है। आश्वासन मिलने के बाद कर्मचारी दोपहर 12 बजे के बाद काम पर लौटे, तब बस सेवा शुरू हो सकी। डिपो मैनेजर राहुल यादव ने बताया कि अब बस सेवा सामान्य हो गई है। उच्बाधिकारियों को मामले से अवगत करा दिया गया है।
फरीदपुर रोड पर सिटी बस सेवा बंद
फरीदपुर रोड पर सिटी बसों का संचालन बंद कर दिया गया है। इस रूट पर टोल प्लाजा बनने के बाद से ही बसों के संचालन को लेकर खींचतान चल रही थी। पिछले साल ई-बस डिपो और फरीदपुर के विधायक प्रो. श्याम बिहारी के हस्तक्षेप के बाद बसों के टोल टैक्स को फ्री कर दिया गया था। इसके बाद संचालन किया जाने लगा था। अब वहां फिर टोल टैक्स की वसूली शुरू होने के कारण इस रूट पर बसों का संचालन बंद कर दिया गया है।