जांच में सही मिले आरोप, एक संविदा कर्मी की सेवा समाप्त
बरेली। बिजली चोरों को पकड़ने के बाद सौदेबाजी कर बिना कार्रवाई छोड़ने के मामले में किला उपकेंद्र के जेई सुधीर कुमार और टेक्निकल ग्रेड-2 (टीजी-2) कर्मचारी सूरजपाल को निलंबित कर दिया गया है। एक संविदा कर्मचारी की सेवा भी समाप्त की गई है।
नौ सितंबर को विद्युत निगम के टोल फ्री नंबर 1912 पर बिजली चोरी की शिकायत आई थी। इसके बाद जेई सुधीर कुमार, टीजी-2 सूरजपाल ने दो अन्य संविदा कर्मचारियों के साथ उपकेंद्र के मोहल्ला जखीरा, गढ़ैय्या, केलाबाग और रेती में छापा मारा था। यहां कई लोगों को कटिया डालकर बिजली चोरी करते हुए पकड़ा गया।
इनकी वीडियोग्राफी भी की गई, लेकिन बाद में सौदेबाजी कर मामले को रफा-दफा कर दिया गया। शिकायत पर अधीक्षण अभियंता अंबा प्रसाद वशिष्ठ ने मामले में जांच कमेटी गठित कर दी। जांच में जेई सुधीर कुमार और टीजी-2 सूरजपाल प्रथम दृष्टया दोषी पाए गए हैं। अधीक्षण अभियंता ने बताया कि जेई और जीटी-2 को निलंबित कर दिया गया है। एक संविदा कर्मचारी की सेवा भी समाप्त की गई है।
पिछले दिनों एसडीई पर हो चुकी कार्रवाई
विजिलेंस टीम की छापे के बाद बिजली चोरों से सौदेबाजी के आरोपों में फंसे किला उपकेंद्र के एसडीई रवेंद्र कुमार और विजिलेंस के जेई इंद्राज के खिलाफ पिछले दिनों कार्रवाई हो चुकी है। दोनों को पदों से हटा दिया गया। लगातार कार्रवाई के बाद भी बिजली चोरों के खिलाफ कार्रवाई के स्थान पर सौदेबाजी बंद नहीं हो रही। संवाद