132 केवीए स्टेशन की ट्रॉली फुंक जाने से चार सब स्टेशन हो गए ठप
सुबह की दिनचर्या अस्त-व्यस्त होने से परेशान रहे लोग
बरेली। आंधी बारिश से मंगलवार सुबह तीन बजे तहस-नहस हुआ शहर का बिजली नेटवर्क रात 11 बजे तक दुरुस्त नहीं हो सका। सुबह चार बजे सबसे पहले कोहाड़ापीर सब स्टेशन से जुड़े इलाकों में बिजली सप्लाई बाधित हो गई। करीब 12 घंटे तक बिजली न आने से रहने से लोगों की दिनचर्या अस्त-व्यस्त हो गई। सुबह लोग सोकर उठे तो बिजली गुल होने से पानी के लिए परेशान रहे। नगर निगम भी पानी की आपूर्ति नहीं कर सका। इससे लोग नहा-धो नहीं सके। इन्वर्टर भी जवाब दे गए।
इधर, रात करीब 11 बजे 132 केवीए स्टेशन की ट्रॉली फुंक गई। बताया जाता है कि ट्रॉली में बारिश का पानी चला गया था, इससे शहर के चार सब स्टेशन किला, कुतुबखाना, जगतपुर और शाहदाना की बिजली सप्लाई बंद हो गई। लिहाजा इन चारों स्टेशनों से जुड़े जंक्शन, सिविल लाइंस, पुराना शहर, किला, कुतुबखाना, शाहदाना, जगतपुर, सेटेलाइट आदि इलाकों में ब्लैक आउट हो गया। रात करीब एक बजे तक बिजली सप्लाई सुचारू नहीं हो सकी थी। लोग लगातार अधिकारियों और सब स्टेशनों पर फोन करते रहे, लेकिन किसी ने कॉल रिसीव नहीं की।
आंधी-बारिश से कोहाड़ापीर सब स्टेशन से तीन बजे बिजली की आपूर्ति बंद हो गई। इससे भूड़, प्रेमनगर, बीडीए कॉलोनी, अशोकनगर, बानखाना आदि की करीब बीस हजार की आबादी प्रभावित हुई। 12 घंटे बाद जब बिजली सप्लाई सुचारू हुई तब लोगों को पानी मिल सका। हालांकि बिजली विभाग के अधिकारियों का दावा है कि बिजली केवल दो घंटे के लिए ही गायब रही।
सुबह उठे तो पानी नहीं मिला
सुबह उठे तो बिजली गुल थी। इससे पानी भी नहीं मिला। नगर निगम फोन किया तो पता चला कि बिजली आपूर्ति बाधित रहने से ओवरहेड टैंक नहीं भरे जा सके, इससे पानी की आपूर्ति नहीं हो सकी। - आशु खान, व्यापारी , प्रेमनगर
भीषण गर्मी ने किया परेशान
बिजली न होने से दिनचर्या अस्त-व्यस्त रही। 12 घंटे बाद बिजली आई तो दोपहर 12 बजे नहा सके। भीषण गर्मी से बुरा हाल रहा। बिजली विभाग को फोन किया, लेकिन कॉल रिसीव नहीं हुई। - दिनेश, कोहाड़ापीर
पूरा दिन ही खराब हो गया
सुबह उठे तो बिजली गुल थी। करीब दस बजे इन्वर्टर भी जवाब दे गया। इससे सुबह की दिनचर्या अस्त-व्यस्त हो गई। रसोई का काम भी प्रभावित रहा। 12 बजे बिजली आई तो टैंक में पानी भरा गया। - दीप्ती, गृहिणी, राजेंद्र नगर