बरेली। गर्मी बढ़ने के साथ बिजली ही नहीं, इसके बिल भी उपभोक्ताओं को परेशान कर रहे हैं। शहरी क्षेत्र के चार खंडों में 17 हजार से ज्यादा बिल संबंधी शिकायतें निस्तारण के लिए लंबित हैं। ऑनलाइन शिकायतों को सात दिनों में निस्तारित करने का प्रावधान है। इसके बाद भी उपभोक्ता चार-पांच महीने तक अधिकारियों के चक्कर लगा रहे हैं। उनको समाधान का आश्वासन तो मिलता है पर समस्या का निस्तारण नहीं हो पाता।
विद्युत निगम के चेयरमैन डॉ. आशीष गोयल ने बुधवार को विकास भवन में समीक्षा बैठक के दौरान बिजली बिलों में गड़बड़ी को लेकर अफसरों को फटकार लगाई थी। आठ-नौ माह पुरानी शिकायतें भी लंबित हैं। उपभोक्ता बिल जमा कर देते हैं, इसके बाद भी अगले बिल में पिछला बकाया जोड़कर भेज दिया जाता है। शिकायत के बाद जिम्मेदार अधिकारी उनको पहले पूरी राशि जमा करने का सुझाव देकर पल्ला झाड़ लेते हैं। अधिकारी भी इस बात को स्वीकार कर रहे हैं कि बिलों की गड़बड़ी की शिकायतें हजारों में हैं। इनमें ऑनलाइन शिकायतों की संख्या ज्यादा है।
नरेंद्र गौर के नाम कनेक्शन है। 1,439 रुपये का बिल आया था। यह रकम ज्यादा लगी तो बिल की गड़बड़ी दिखाने वितरण खंड कार्यालय आया। यहां बिल दिखाया तो कहा जा रहा है कि 8,135 रुपये जमा करने होंगे। तभी बिल का निस्तारण हो सकेगा। कई बार शिकायत कर चुका हूं। - सुरजीत सिंह, मॉडल टाउन
पति नहीं हैं, किसी तरह से परिवार का गुजारा कर रही हूं। हर महीने 800-900 रुपये का बिल आता है। इस बार मार्च में 891 रुपये का बिल जमा किया था, लेकिन अप्रैल में फिर से 3,171 रुपये का बिल भेज दिया गया है। बिल ठीक कराने को अधिकारियों के चक्कर लगा रही हूं। - आशा देवी, खलीलपुर नई बस्ती
बिल में हर दूसरे महीने गड़बड़ी होती है। मार्च में 1,112 रुपये जमा किए थे। अब अप्रैल में 2,012 रुपये का बिल भेज दिया गया है। कई बार बिल ठीक कराने के लिए अधिकारियों के पास आ चुकी हूं। बुढ़ापे की वजह से काफी समस्या हो रही है। अधिकारी सिर्फ आश्वासन देते हैं। - राम प्यारी, किला छावनी
तीन माह से बिल नहीं मिला है। कई बार शिकायत कर चुकी हूं। अधिकारी आश्वासन दे देते हैं। तीन महीने पहले बिल गड़बड़ आया था। उसका भी निस्तारण नहीं हो सका है। आज फिर से शिकायत की है। अधिकारियों ने दो-तीन दिन में निस्तारण की बात कही है। - सुखदेवी, किला छावनी
ऑनलाइन शिकायतों के निस्तारण में समस्या आ रही है। बिलों की गड़बड़ियों को दूर किया जा रहा है। ऑनलाइन सिस्टम जब ठीक से काम करने लगेगा तो उपभोक्ताओं को बिल संबंधी समस्याओं के निस्तारण के लिए दौड़ नहीं लगानी होगी। लंबित शिकायतों की सूची तैयार कराई जा रही है। - अंबा प्रसाद वशिष्ठ, अधीक्षण अभियंता, शहरी क्षेत्र