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ऐसे तो मिल चुकी गर्मी में बिजली

Tue, 21 Apr 2015 01:01 AM IST
बरेली
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गर्मी ने दस्तक दे दी है। पारा 40 डिग्र्री छूने को बेताब है। इस बीच अनाप-शनाप कटौती और फाल्ट शुरू हो गए हैं। हर दिन औसतन नौ से दस घंटे सप्लाई गुल हो रही है। उद्योग व्यापार मंडल ने बिजली अव्यवस्था को मुद्दा बनाने की घोषणा कर दी है। उधर, बिजनेस प्लान में नए ट्रांसफार्मर, लाइनें, खंभे और उपकरण आदि लगाने का काम कमीशनखोरी और ठेकेदाराें में फंसा हुआ है। इससे लगता है कि बिजली विभाग ने जो लंबे चौड़े कागजी वायदे किए थे वे जमीन पर नहीं दिख पाएंगे।
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 हांफने लगे ट्रांसफार्मर
अभी गर्मी चरम पर पहुंची भी नहीं है, लेकिन बिजली के लिए हाय- हाय शुरू हो गई है। पारा चढ़ने के साथ ही बिजली की मांग बढ़ती जा रही है। मोहल्ले और गलियाें में ट्रांसफार्मर ओवरलोड होने लगे हैं। जर्जर उपकेंद्र भी अभी से पूरा लोड लेने के लिए तैयार नहीं हैं। इसलिए स्थानीय स्तर पर हर फीडर की दो- दो घंटे सप्लाई काटी जा रही है।

 डिमांड और सप्लाई में आया अंतर
शहर में डिमांड बढ़ रही है और सप्लाई घटती जा रही है। इस सप्ताह डिमांड 20 प्रतिशत तक बढ़ गई है। इसे बनाए रखने के लिए विभाग घंटो कटौती करा रहा है। कागजाें पर कटौती सिर्फ चार घंटे है। स्थिति ये है कि इससे दोगुनी कटौती हो रही है।
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 नहीं लगे 378 नए ट्रांसफार्मर
विभाग ने बिजली कटौती और ओवरलोडिंग की समस्या से परेशान इलाकों में 378 नए ट्रांसफार्मर लगाने की तैयारी शुरू कर दी हैं लेकिन अभी शुरुआती समय में ही दो इलाकाें सतीपुर और बाग बिगृटान में इसका विरोध शुरू हो गया है। गर्मी में अच्छी बिजली देने के लिए यह ट्रांसफार्मर अप्रैल से मई के बीच में लगाने की कोशिश थी, लेकिन विभाग अभी इस पर ज्यादा ध्यान नहीं दे रहा है। अप्रैल में एक भी नया ट्रांसफार्मर नहीं लग पाया है। इनमें  86 ट्रांसफार्मर 400 केवीए, 192 ट्रांसफार्मर 250 केवीए और 100 ट्रांसफार्मर 100 केवीए के हैं। पुराना शहर में सबसे अधिक 70 ट्रांसफार्मर लगने हैं।

बिजलीघर को नहीं मिला ठिकाना
पिछले साल रामपुरबाग में एक बिजली घर बनाया गया। इसके  बाद साल भर तक जमीन की ही खोज होती रही। अब विभाग को मिशन अस्पताल के सामने 10 एमवीए क्षमता के बिजलीघर की जमीन मिली है। इसके अलावा सुभाषनगर, मिनी बाईपास, डेलापीर और सेटेलाइट पर बिजली घर बनाने के लिए अभी जमीन की तलाश समेत कई जरूरी काम बाकी हैं। नए बिजली घर बनने से इलाकाें का लोड फैक्टर घटेगा और सप्लाई दुरुस्त होगी।

 चोरी अभियान की निकल गई हवा
लाइन लॉस घटाने और वसूली का अभियान जोर शोर से चलाया गया था। इस दौरान ओवरलोडिंग भी सामान्य हो गई। लेकिन विभाग की लापरवाही से चोरी फिर वही पुराने ढर्रे पर लौट आई। शाहदाना और जगतपुर इलाके में लोड 100 एम्पियर से घटकर 60 एम्पियर तक पहुंच गया था लेकिन वर्तमान में स्थिति फिर खराब हो गई है। किला, सिटी थ्री और शाहदाना में लाइनलॉस 45 फीसदी होने से यहां फिर अभियान चलाया जाएगा।  

 बिजली मिलने में ऐसे आएगी दिक्कत
बिजली घर के लिए जमीन मिलने में हो रही मुश्किल
अभियान के बावजूद लाइनलॉस में नहीं आई कमी
ओवरलोडिंग की समस्या से जूझ रहे फीडर
378 नए ट्रांसफार्मर के लिए जगह नहीं
डिमांड 125 मेगावाट जबकि सप्लाई में 30 फीसदी की कमी

वर्जन--
‘स्काडा योजना के तहत बिजली में सुधार की कोशिश जारी है। 378 नए ट्रांसफार्मर लगाने हैं लेकिन पब्लिक साथ नहीं दे रही। इससे इनकी ही मुश्किल आगे बढ़ेगी। गर्मी में बिजली मिलना मुश्किल न हो इसलिए युद्ध स्तर पर काम कराया जा रहा है।’
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एनके श्रीवास्तव, एसई शहर
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