राजीव गांधी विद्युतीकरण योजना में तीन सौ आबादी वाले गांव शामिल कर लिए गए हैं। इस योजना में बरेली मंडल में 557.40 करोड़ रुपये लागत से 11,681 मजरे जगमग होंगे। विभाग ने इसके टेंडर फाइनल कर सर्वे शुरू कर दिया है। काम अगले तीन साल में पूरा होना है।
पिछले दिनों विभाग ने सभी जिलों में चिन्हित तीन सौ आबादी वाले गांवाें में विद्युतीकरण कराने के लिए टेंडर मांगे थे। इसके तहत बरेली मंडल में चिन्हित 11,681 मजरों में काम शुरू कराने के लिए चारों जिलों में अलग-अलग फर्म तय कर दी है। इन चारों फर्मों को स्वीकृति पत्र जारी कर अन्य औपचारिकताएं पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं। विभागीय लापरवाही के चलते डीपीआर समय से नहीं भेजी जाने के कारण यह योजना पूरे साल लटकी रही।
मध्यांचल विद्युत निगम स्तर पर हुई देरी के चलते केंद्र सरकार से योजना स्वीकृति में विलंब हुआ। इस बीच चुनाव आचार संहिता लागू होने से टेंडर प्रक्रिया लटक गई। विभाग ने अब चारों जिलों के टेंडर फाइनल सर्वे शुरू करा दिया है। सर्वे प्रक्रिया पूरी होते ही चिन्हित गांवों में विद्युतीकरण कार्य शुरू होगा।
इन्फो
जिला गांव लागत/ करोड़ रुपये फर्म
बरेली 44,00 135.45 आरके इंडस्ट्रीज
बदायूं 3197 153. 49 तेजपाल सिस्टम
पीलीभीत 2090 61.49 ज्योति बिल्टेक
शाहजहांपुर 1994 207.03 आरपीपी इन्फ्रा
‘राजीव गांधी विद्युतीकरण योजना में प्रस्तावित कार्य तीन माह में शुरू हो जाएंगे। टेंडर फाइनल होने के बाद सर्वे शुरू हो गया। जिन गांवों में सर्वे पूरा होता जाएगा वहां पर विद्युतीकरण कार्य होने लगेगा। योजना तीन वर्ष में पूरी होनी है।’ - एचपी गुप्ता, एसई ग्रामीण