कछला में पुल का निरीक्षण करते सीआरएस।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
सीआरएस ने बरेली सिटी से कासगंज तक किया इलेक्ट्रिक ट्रैक का निरीक्षण
बरेली। आखिरकार इलेक्ट्रिक ट्रैक बरेली सिटी से कासगंज तक रेल संरक्षा आयुक्त (सीआरएस) का बहुप्रतीक्षित निरीक्षण मंगलवार को हो गया। इस दौरान ट्रैक में कुछ मामूली खामियां पाई गईं, इनके सुधार के निर्देश आरवीएनएल की टीम को सीआरएस और डीआरएम ने दिए हैं। अब सीआरएस की रिपोर्ट के बाद और कोरोना संक्रमण थमते ही इस रूट पर इलेक्ट्रिक ट्रेनें चलनी शुरू हो जाएंगी।
इज्जतनगर मंडल के बरेली सिटी-कासगंज रेल खंड का विद्युतीकरण होने के बाद मंगलवार को सीआरएस लतीफ खान ने निरीक्षण किया। 108 किमी लंबे इस ट्रैक के निरीक्षण की शुरूआत सुबह 9.45 बजे हुई। तय समय के मुताबिक सीआरएस स्पेशल 5.10 बजे कासगंज पहुंची। वहां से स्पीड ट्रायल इलेक्ट्रिक इंजन के साथ शाम 5.51 बजे शुरू हुआ। सीआरएस स्पेशल ने कासगंज से बरेली सिटी तक 108 किमी की दूरी 90 मिनट में तय की। इस दौरान ट्रेन की अधिकतम स्पीड 110 किमी प्रतिघंटा रही। इस दौरान सीआरएस ने बरेली सिटी-कासगंज के मध्य बदायूं, उझानी एवं सोरों स्टेशनों का भी निरीक्षण किया। निरीक्षण में डीआरएम दिनेश कुमार सिंह, मुख्य विद्युत इंजीनियर एके शुक्ला, रेल विकास निगम लिमिटेड के महाप्रबंधक मनोज पांडे, इज्जतनगर मंडल के वरिष्ठ मंडल इंजीनियर (समन्वयक) अखिलेश त्रिपाठी, वरिष्ठ मंडल परिचालन प्रबंधक अनूप कुमार सिंह, वरिष्ठ मंडल विद्युत इंजीनियर (टीआरडी) सतेंद्र कुमार सिंह, वरिष्ठ मंडल सिग्नल एवं दूरसंचार इंजीनियर आशीष सिंह, वरिष्ठ मंडल सुरक्षा अधिकारी एनके जोशी, मंडल सुरक्षा आयुक्त अमिताभ आदि अधिकारी शामिल रहे।