त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के लिए जिला पंचायतीराज विभाग द्वारा परिसीमित वार्डों के संबंध में आपत्ति जमा होने के आखिरी दिन शुक्रवार शाम पांच बजे तक बड़ी संख्या में लोग शिकायत लेकर पहुंचे। जिला भाजपा इकाई और भोजीपुरा निवासियों ने सबसे ज्यादा आपत्तियां दर्ज कराईं। जिला पंचायत के परिसीमित वार्ड संबंधी सबसे ज्यादा 103 आपत्तियां जिला पंचायत कार्यालय में जमा हुईं तो विकास भवन के पंचायतीराज विभाग में क्षेत्र पंचायत के वार्ड संबंधी कुल 38 और ग्राम पंचायतों के वार्ड संबंधी नौ आपत्तियां पहुंचीं। अब जिलाधिकारी की अध्यक्षता वाली समिति 11 अप्रैल तक इनका निस्तारण करेगी। जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी के पास दर्ज कराई आपत्ति में भाजपा जिलाध्यक्ष राजकुमार शर्मा ने परिसीमन में हवा - हवाई अंदाज अपनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि जिला पंचायत के परिसीमित वार्ड 32 में मीरगंज क्षेत्र पंचायत के वार्ड संख्या 70 से 83 तक को आलमपुर जाफराबाद ब्लाक के गांवों से जोड़ दिया गया जिसका कोई तुक नहीं है। इन्हें उक्त वार्ड संख्या से अलग निकटवर्ती वार्ड में समायोजित करने की मांग की। उनके अनुसार, ये गांव आपस में करीब 80 किमी की दूरी पर हैं और ये दोनों ही अलग - अलग लोकसभा क्षेत्र यानी बरेली और आंवला के अंतर्र्गत पड़ते हैं। खास बात यह कि दोनों ब्लाक के इन गांवों के बीच रामगंगा, भाखड़ा और बहगुल नदियां हैं जिससे कि आवागमन में भारी असुविधा होगी। दूसरी ओर भोजीपुरा ब्लाक के ग्राम सभा दोहरिया पचदौरा और पीपलसाना चौधरी से आए मो. अलाउद्दीन खां, जफरोज, नबी खां, इस्लाम खां, भूरे खां आदि ने सामूहिक आपत्ति दर्ज कराई कि भोजीपुरा नाम से परिसीमित जिला पंचायत के वार्ड 25 से इनके गांव को काटकर वार्ड 23 में जोड़ने में भौगोलिक हालात का ध्यान नहीं रखा गया। इससे वार्ड 23 की स्थिति भी खराब हुई है और वहां चार हजार की आबादी वाला गांव घघोरा घघोरी भी दो वार्ड में बंट गया है।