जिला पंचायत चुनाव में धांधली का आरोप लगाकर चार साल से लड़ाई लड़ रहे खालिद खां को कोर्ट ने विजयी माना है। वार्ड नंबर 25 की जिला पंचायत सदस्य संगीता गुप्ता के निर्वाचन को अवैध करार दिया है। कोर्ट ने जिला निर्वाचन अधिकारी को शपथ दिलाने को भी कहा है।
मीरगंज तहसील के रईया नगला गांव के खालिद खां ने 2010 में जिला एवं सत्र न्यायालय में याचिका दाखिल की थी। उसके अनुसार चुनाव में जिला प्रशासन ने 28 अक्तूबर 2010 को हुई मतगणना में सिंधोली की संगीता को अवैध तरीके से विजयी घोषित कर दिया था। खालिद को 4923 और संगीता को 4976 वोट मिले थे। 1659 वोट निरस्त हुए थे। खालिद खां ने कहा कि निरस्त मतों में से 1200 मत उसके पक्ष के थे, जिन्हें गलत तरीके से निरस्त किया गया था। हाईकोर्ट ने खालिद की याचिका यह कहकर वापस कर दी थी कि वह सक्षम कोर्ट में याचिका दाखिल करे। जनपद न्यायालय में याचिका दाखिल करने पर 10 अप्रैल 2014 को फिर से मतगणना कराई गई। संगीता गुप्ता को फिर विजयी घोषित किया गया था। हालांकि 54 बूथों में से चार बूथों के मतपत्र गायब पाए गए। खालिद खां ने कोर्ट में आपत्ति दाखिल की कि इन्हीं चार बूथों के मतपत्र गायब किए गए हैं जिसमे उसे सबसे ज्यादा वोट मिले थे। अपर जिला जज 10 शिवकुमार सिंह ने भी मतगणना चार्ट के आधार पर माना कि वही मतपत्र गायब हुए थे जहां से खालिद को ज्यादा मत मिले। इस आधार पर कोर्ट ने खालिद को विजयी घोषित किया है। याचिका कर्ता की ओर से वकील लवलेश कुमार पाठक ने कोर्ट में पैरवी की।