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चुनाव लड़ाएं या ‘गुरु-चेले’ में बैैलेंस बनाएं

Thu, 16 Nov 2017 01:39 AM IST
बरेली
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भाजपा में ही नहीं टिकट वितरण को लेकर समाजवादी पार्टी में भी सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है। टिकट वितरण को लेकर हुई बदनामी लखनऊ तक पहुंचने से कई नेताओं के नंबर कम हो गए हैं। पूर्व मंत्रियों की टिकट वितरण में भूमिका को लेकर सवाल खडे़ हो रहे हैं। गुरू-चेले की सियासी लड़ाई का भी निकाय चुनाव पर असर पड़ेगा। हालांकि सपा प्रत्याशी डॉ. आईएस तोमर गुरू-चेले समेत सभी नेताओं को साधकर एक प्लेट फार्म पर लाने की कोशिश में जुटे हैं। निकाय चुनाव के नतीजे उम्मीदों के मुताबिक नहीं आए तो पार्टी मुखिया बरेली को लेकर बड़ा फैसला कर सकते हैं।    
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समाजवादी पार्टी निकाय चुनाव में कई हिस्सों में नजर आ रही है। मुलायमवादी होने की वजह से गुरू कुर्सी से उतरने के बाद घर बैठे हैं। उनके दरबार में जो आ जाता है, जितना आर्शीवाद है, उतना लेकर चला जाता है। जबकि उनका अखिलेशवादी चेला इन दिनों पावरफुल है। दोनों के बीच छत्तीस का आंकड़ा होने की वजह से निकाय चुनाव के टिक ट वितरण में गुरू जी जरा भी नहीं चली। गुरू के वार्ड तक के टिकट के बारे मे चेले ने उनसे नहीं पूछा। गुरू के विधानसभा क्षेत्र तक में चेले ने उनकी पसंद से किसी को टिकट किसी को नहीं दिया। मेयर का टिकट डॉ. आईएस तोमर को ही होना था। यह पहले ही दिन से तय माना जा रहा था, लेकिन टिकट मिलने के बाद डॉ. तोमर के बगल में बैठकर सबने नंबर बनाने शुरू कर दी। प्रेस कांफ्रेंस से लेकर अब तक वही नजारा है। डॉ. तोमर के साथ अखिलेशवादी चेला और उसके साथी ही दिखाई दे रहे हैं। गुरू को पहले ही दिन से इग्नोर किया गया है। नामांकन के दिन भी गुरू के प्रेस हुए कपड़े धरे रह गए, लेकिन डॉ. तोमर का फोन नहीं आया। चर्चा है कि बाद में डॉ. तोमर ने जब गुरू को फोन करके नाराजगी जताई तो उन्होंने अपने बेबाक अंदाज में कह ही दिया कि हमारी भी कुछ तो इज्जत है। बुलाया होता तो जरूर आता। इस पर डॉ. तोमर चुप हो गए और कहने लगे आप घर तो आओ। इस पर गुरू उनके घर पहुंच गए और चाय-पानी के बाद चुनाव की रणनीति पर चर्चा की। डॉ. तोमर ने उन्हें कुछ रूठों को मनाने और सपा की मीटिंगों में रहने की जिम्मेदारी दी है। इसे उन्होंने कु बूल कर लिया है। आंवला नगर पालिका और फतेहगंज पश्चिमी नगर पंचायत के टिकट को लेकर हुई पार्टी की बदनामी लखनऊ तक पहुंच गई है। पार्टी की अंदरूनी लड़ाई का कुछ लोग फायदा उठा रहे हैं। शिकायत करने वालों की ठीक से सुनवाई भी अभी नहीं हो पाई है, लेकिन चुनाव नतीजे उम्मीदों के मुताबिक नहीं आए तो समीक्षा होनी तय है।   

पार्षद का टिकट नहीं कटवा पाए पूर्व मंत्री 
समाजवादी पार्र्टी के टिकट वितरण में पार्टी के एक गुट के अलावा किसी की नहीं सुनी गई। पार्टी के पूर्व मंत्री पुराने शहर के निर्वतमान पार्षद का टिकट कटवाने को कई दिन लखनऊ में डेरा डाले रहे, लेकिन किसी उनकी एक नहीं सुनी गई। इसी तरह पार्टी के कई बड़े नेताओं के कुछ नगर पालिकाओं को नगर पंचायतों में अपने हिसाब से टिकट दिलाने की कोशिश की, लेकिन उनकी बात पर विचार ही नहीं हुआ। पार्टी की यह गुटबाजी निकाय चुनाव में नुकसान पहुंचा सकती है। 
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पार्टी के नेताओं को टिकट वितरण में थोड़ा और सावधानी बरतनी चाहिए थी। पुराने लोगों की राय लेकर पारदर्शिता के साथ जिताऊ प्रत्याशियों को टिकट दिया जाना चाहिए। मेयर पद के लिए डॉ आईएस तोमर अच्छे प्रत्याशी हैं, हम उन्हें चुनाव लड़ा रहे हैं, जो जिम्मेदारी मिली है निभाएंगे। वीरपाल सिंह, पूर्व सांसद

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-पार्टी का संगठन रूट लेबल पर काम कर रहा है। सब नेता और कार्यकर्ता एकजुट हैं। हमारे नेता और कार्यकर्ता चुनाव में मेहनत कर रहे हैं। पार्टी की बदनामी करने वाले सामने आकर बात कहें और जांच करा लें। हमारे नेता पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव और पूर्व मेयर डॉ. आईएस तोम ने जो विकास के काम कराए हैं, उनके बल पर भी हम चुनाव जीतकर आएंगे। शुभलेश यादव, जिलाध्यक्ष सपा 

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सपा मुखिया अखिलेश यादव ने मुरादाबाद के साथ बरेली में भी सपा प्रत्याशियों को चुनाव जिताने की जिम्मेदारी दी है। हमारी पूरी कोशिश है कि मेयर के साथ सभी निकायों में सपा के प्रत्याशी जीतकर आएं। जिले से सभी पुराने नेताओं को भी एकजुट करके सपा प्रत्याशियों के लिए जनसंपर्क करने का आह्वान किया गया है।  अताउर रहमान, पूर्व मंत्री
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पार्टी में मेयर प्रत्याशी आईएस तोमर को लेकर सब एकजुट हैं। किसी में कोई मतभेद नहीं है। जनता भाजपा सरकार का काम भी देख चुकी है। उनके वोटरों से हमारी बात भी लगातार हो रही है। बहुत बड़ी तादाद में भाजपा के वोटर हमारे साथ हैं। इसलिए मेयर पद पर हमारी भारी मतों से जीतेंगे। पूर्व मंत्री भगवत सरन 
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