बेटियों ने चचेरे भाई पर लगाया आरोप
रामनाथ की बड़ी बेटी कांधरपुर में और छोटी बदायूं के दातागंज में ब्याही है। दोनों बेटियों ने पिता की आत्महत्या के लिए अपने चचेरे भाई को जिम्मेदार बताया। आरोप लगाया कि उनके पिता को फुसलाकर चचेरे भाई ने कुछ जमीन अपने नाम करवा ली है। चार दिन पहले ही ये सब धोखाधड़ी से किया गया। उन लोगों को जानकारी हुई तो पिता को हकीकत बताई। इसके बाद से उनके पिता दुखी थे। चचेरे भाई ने उनके साथ छल किया था।
भतीजा करता था देखभाल
सूत्र बताते हैं कि रामनाथ ने कांधरपुर में एक भूखंड खरीदा था, जिस पर मकान बनवाकर बड़ी बेटी वहीं रह रही हैं। रामनाथ के कहने पर बड़ी बेटी ने छोटी को भूखंड के हिस्से के तौर पर करीब पांच लाख रुपये दिए थे। खेती से मिले सवा लाख रुपये भी रामनाथ ने छोटी बेटी को दिए थे।
प्रबंधन के मुताबिक, रामनाथ का भतीजा अक्सर उनसे मिलने आता था और खाने-पीने की चीजें भी लाता रहता था। जब रामनाथ का घूमने का मन करता था तो वह उसी को सूचना देते थे। वह उन्हें घुमाकर वापस छोड़ जाता था। वह अक्सर दूसरे बुजुर्गों से चर्चा करते थे और भतीजे की तारीफ करते थे।
सीओ सिटी आशुतोष शिवम ने बताया कि वृद्ध रामनाथ ने आत्महत्या क्यों की, इसकी जांच की जा रही है। फिलहाल, कोई शिकायत या तहरीर नहीं मिली है। शव परिवार को सौंप दिया गया है।