फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

आठ सेंसर कैमरे तेंदुए को तलाशने में नाकाम

विज्ञापन
demo photo - फोटो : demo photo
विज्ञापन

वन विभाग ने दीवार फांदकर मयूर वन चेतना केंद्र के जंगल में घुसने की संभावना जताई

बरेली। एयरफोर्स स्टेशन में घुसे तेंदुए पर निगरानी के लिए वन विभाग ने यहां आठ सेंसर कैमरे लगाए हैं मगर दो दिन बाद भी उसका कोई अता-पता नहीं चला। वन विभाग के अधिकारी यह संभावना भी जता रहे हैं कि तेंदुआ एयरफोर्स की बाउंड्री पार कर पास ही मयूर वन चेतना के जंगल में भी घुस सकता है।
विज्ञापन

एयरफोर्स बाउंड्री से सटी गायत्रीनगर कॉलोनी में बुधवार को कुछ लोगों ने तेंदुए देखा था जो लोगों की हलचल के बाद एयरफोर्स की दीवार फांदकर अंदर घुस गया था। तबसे वन विभाग की टीमें उसे पकड़ने के लिए मशक्कत कर रही है। बुधवार को ही एयरफोर्स परिसर में पिंजड़ा लगाकर बकरा भी बांध दिया था लेकिन तेंदुआ वहां तक नहीं पहुंचा। डीएफओ भरतलाल ने बृहस्पतिवार को पीलीभीत टाइगर रिजर्व से दस ऐसे सेेंसर कैमरे भी मंगाकर एयरफोर्स कैंपस में लगवा दिए जो रात के अंधेरे मेें भी फोटो ले सकते हैं। शुक्रवार को इन कैमरों में भी तेंदुआ नजर नहीं आया।
एयरफोर्स परिसर में तेंदुए की लोकेशन जानने के लिए दस सेंसर कैमरे मंगवाए गए थे। इसमें आठ कैमरे लगा दिए गए हैं। हालांकि अभी तेंदुए की कोई लोकेशन नहीं मिली है। वन विभाग की टीम लगातार निगरानी रखे है। -भरतलाल, डीएफओ

अनुमान: बहेड़ी से बरेली आया तेंदुआ, कुछ दिनों पहले बहेड़ी में दिखे थे दो तेंदुए, एक हो गया था वन विभाग के पिंजड़े में कैद

बरेली। एयरफोर्स स्टेशन में घुसे तेंदुए के बारे में वन विभाग के अफसर अभी अटकल ही लगा पा रहे हैं। अफसरों का मानना है कि तेंदुआ पीलीभीत से बहेड़ी और फिर बहेड़ी से बरेली तक पहुंचा होगा। यह भी अनुमान जताया जा रहा है कि पीलीभीत से बरेली के बीच खुद ब खुद कोई ऐसा कॉरीडोर बन गया है जिसके जरिए वन्य प्राणी लगातार बरेली तक आ रहे हैं। विशेषज्ञों भी सहमत हैं कि कॉरीडोर को तलाश किए बगैर यह जानना मुश्किल है कि वन्य प्राणी जंगलों से काफी दूर बरेली तक कैसे पहुंच रहे हैं।
विज्ञापन

करीब डेढ़ महीने पहले बहेड़ी के गांव गुजिया में दो तेंदुओं के होने की सूचना मिली थी। एक तेंदुए के गांव में एक छोटी बच्ची को मार देने के बाद वन विभाग ने रेस्क्यू शुरू किया। दो तेंदुओं में से एक तो वन विभाग के पिंजड़े में कैद हो गया लेकिन दूसरे तेंदुए को नहीं तलाशा जा सका। संभावना जताई जा रही है कि यह वही तेंदुआ है जो रेस्क्यू से बच गया था। दावा किया जा रहा है कि एयरफोर्स स्टेशन में घुसे इस तेंदुए को जल्द ही पकड़ लिया जाएगा। हालांकि शुक्रवार को भी वन विभाग की टीमें एयरफोर्स स्टेशन में तेंदुए की तलाश में जुटी रहीं लेकिन उन्हें कोई कामयाबी नहीं मिली। 
 

संकट बना जंगलों में वन्य प्राणियों की संख्या बढ़ना

वन्य प्राणियों की जानकारी रखने वाले अनिल साहनी के मुताबिक पीलीभीत टाइगर रिजर्व में बाघों की तादाद बढ़ गई है। वहां कई बाघ जंगल से बाहर निकलकर गन्ने के खेतों में ठिकाना बनाए हुए हैं। उन्हें जंगल में अपनी टेरिटरी बनाने लायक जगह नहीं मिल पा रही है। इसी वजह से तेंदुओं के लिए और भी ज्यादा संकट पैदा हो गया है और वे जंगल से बाहर निकलकर गांव-देहात होते हुए शहरों तक पहुंच रहे हैं। यह भविष्य में खतरा बन सकता है। इस पर तत्काल कोई ठोस निर्णय लिया जाना चाहिए।

पीलीभीत से सीधे बरेली आना नामुमकिन

आईवीआरआई के वरिष्ठ वैज्ञानिक प्रो. बीएम अरोरा का कहना है कि यह लगभग नामुमकिन है कि पीलीभीत से करीब 60 किमी दूरी तय करके तेंदुआ बरेली पहुंचा होगा। उनका कहना है कि तेंदुआ बेहद चतुर जानवर होता है। शिकार खोजते हुए उसके इतनी दूर आने की सिर्फ कल्पना ही की जा सकती है। इसी तरह तेंदुए के गायत्री नगर से 14 फुट ऊं ची चहारदीवारी फांदकर अंदर घुसने की बात पर भी यकीन नहीं किया जा सकता। प्रो. अरोरा ने कहा कि अफसर यह तो दावा कर रहे हैं कि तेंदुआ पीलीभीत से आया होगा लेकिन पीलीभीत और बरेली के बीच कौन सा कॉरीडोर है, यह नहीं बता पा रहे। बहेड़ी का तेंदुआ जरूर बरेली आ सकता है। 

भूखा तेंदुआ कहीं किसी इंसान पर हमला न कर दे

बरेली। एयरफोर्स स्टेशन में दो दिनों से छिपे बैठे तेंदुए के आक्रामक होने की आशंका से कैंपस में रह रहे परिवारों में खौफ है। डर यह है कि तेंदुआ अंदर शिकार के लिए छोटे जानवर न मिलने पर इंसानों पर हमला कर सकता है। इसी डर से दो दिन से लोग घरोें से नहीं निकल रहे हैं। एयरबेस की नियमित गतिविधियां भी प्रभावित हो रही हैं। वायुसेना के अफसरों ने वन विभाग को जल्द तेंदुए का रेस्क्यू किए जाने को कहा है। सिक्योरिटी भी बढ़ाने के निर्देश दिए हैं।
इलाके के पार्षद मोहम्मद यूसुफ के मुताबिक लोग इस वजह से दहशत में हैं कि अगर तेंदुआ पकड़ा नहीं गया और किसी तरह बाहर निकल आया तो अनहोनी हो सकती है। गायत्री नगर से ही वह अंदर घुसा था लिहाजा वहां के रहने वाले ज्यादा परेशान हैं। एक एयरफोर्स कर्मी ने बताया कि उनके आने-जाने पर रोक लगा दी गई है। सुरक्षा में तैनात जवानों को भी सतर्क रहने और सीसी कैमरों पर नजर बनाए रखने क ो कहा गया है। एयरफोर्स कैंपस में लोग कार से बाहर कहीं आ-जा रहे हैं। ब्यूरो

वन विभाग की टीम परेशान, इतनी पाबंदियों में कैसे ढूंढें तेंदुए को

वन विभाग की टीमें एयरफोर्स स्टेशन में तेंदुए को तलाश तो कर रही हैं लेकिन इस बात से परेशान हैं कि उन्हें हर कहीं आने-जाने नहीं दिया जा रहा है। वायुसेना उन्हें सिर्फ सीमित इलाकों में ही तेंदुए को तलाश करने की अनुमति दी जा रही है। एयरफोर्स के अफसर तेंदुए से कहीं ज्यादा वन विभाग की टीम की निगरानी करा रहे हैं। उधर, सबसे पहले तेंदुआ रनवे की ओर दिखा था लिहाजा उड़ानें अब तक प्रभावित हो रही हैं। शुक्रवार को भी यही स्थिति बनी रही। हालात जानने के लिए एयरबेस के ग्रुप कैप्टन और पीआरओ से संपर्क किया गया लेकिन कॉल रिसीव नहीं हुई। 
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें