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विवादों में फंसी यादव छात्रावास की प्रबंध समिति भंग

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बरेली। बदलाव के बाद विवादों में फंसी यादव छात्रावास प्रबंध समिति को भंग कर दिया गया है। यह कार्रवाई सहायक रजिस्ट्रार फर्म्स, सोसाइटीज एंड चिट्स अवनीश कुमार सिंह ने की है। उन्होंने समिति को तमाम दस्तावेज भी पेश करने के निर्देश दिए हैं ताकि प्रबंध समिति का चुनाव कराया जा सके।
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सुरेश शर्मा नगर में कोपल अस्पताल के पास यादव छात्रावास बनाने के लिए जमीन खरीदी गई थी। अभी यहां बाउंड्रीवाल और मुख्य द्वार का ही निर्माण हुआ है। इस समिति के संरक्षक प्रगतिशील समाजवादी पार्टी (लोहिया) के प्रमुख महासचिव वीरपाल सिंह यादव हैं। मलखान सिंह यादव की अध्यक्षता वाली इस प्रबंध समिति का गठन 23 जनवरी 2009 में हुआ था। 24 अगस्त 2017 में मलखान सिंह यादव ने इस प्रबंध समिति में बदलाव करके सोसाइटी के नवीनीकरण के लिए आवेदन किया था। नवीनीकरण की प्रक्रिया के तहत इस समिति की सार्वजनिक सूचना जारी करके आपत्तियां मांगी गईं और 15 दिन में कोई आपत्ति न आने पर 28 अक्टूबर 2017 को इसका नवीनीकरण कर दिया गया। इसके बाद चार जून 2018 रवींद्र सिंह यादव और महेंद्र सिंह यादव शपथपत्र के साथ सोसाइटी के नवीनीकरण को लेकर शिकायत की और आरोप लगाया कि उनके फर्जी हस्ताक्षर किए गए हैं। साथ ही बैठक की सूचना न देने का आरोप लगाते हुए दोबारा चुनाव की मांग की। इसके बाद लंबा पत्राचार चला और मामले पर सुनवाई शुरू हो गई। इसमें रवींद्र सिंह यादव और महेंद्र सिंह यादव के समिति से निष्कासन, बैंक स्टेटमेंट और सदस्यता रजिस्टर आदि के मूल अभिलेख भी पेश नहीं किए गए। साथ ही सामने आया कि पुरानी प्रबंध समिति के दस लोगाें को बाहर किया गया लेकिन ऐसा करने का आधार प्रस्तुत नहीं किया जा सका। इन सब चीजों को आधार मानते हुए सहायक रजिस्ट्रार फर्म्स, सोसाइटीज एंड चिट्स अवनीश कुमार सिंह ने यादव छात्रावास की प्रबंध समिति को भंग कर दिया है।

यादव छात्रावास की समिति में बदलाव किए गए थे। अब अगर उसे भंग कर दिया गया है तो दोबारा चुनाव करा दिए जाएंगे। इससे समिति के सदस्यों पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा।
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- वीरपाल सिंह यादव, संरक्षक, यादव छात्रावास प्रबंध समिति
मुझ समेत दस लोगों को अवैध तरीके से प्रबंध समिति से बाहर कर दिया गया था। मैंने और महेंद्र यादव ने इसकी शिकायत की थी। इसके बाद ही समिति को भंग किया गया है।
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- रवींद्र सिंह यादव, शिकायतकर्ता
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