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अंग्रेजी में सिलेबस से बाहर के सवालों पर मिलेंगे आठ बोनस अंक

Thu, 23 Apr 2015 01:12 AM IST
बरेली
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एमजेपी रुहेलखंड विश्वविद्यालय एमए एप्लाइड अंग्रेजी की परीक्षा में सिलेबस से बाहर के सवालों पर परीक्षार्थियों को आठ बोनस अंक देगा। वहीं, मूल्यांकन के लिए शिक्षकों के कम होने की स्थिति में अब दूसरे विश्वविद्यालयों के सेल्फ फाइनेंस शिक्षकों को भी बुलाया जाएगा। यह दोनों निर्णय बुधवार को हुई विश्वविद्यालय की परीक्षा समिति की बैठक में लिए गए।
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एप्लाइड अंग्रेजी के पेपर में सिलेबस से बाहर के सवालों की विश्वविद्यालय ने जांच कराई थी। पुष्टि होने के बाद विभागाध्यक्ष ने आठ बोनस अंक देने की संस्तुति की थी, जिसको मान लिया गया। वहीं, ज्यादा परीक्षार्थियों वाले विषयों की कापियां जंचवाने के लिए विश्वविद्यालय को शिक्षकों की कमी से जूझना पड़ रहा है। शिक्षक बहुत कम आ रहे हैं। इससे मूल्यांकन में देरी हो रही है। मूल्यांकन केंद्रों के कोआर्डिनेटर लगातार शिक्षकों की डिमांड कर रहे हैं। इसको गंभीरता से लेकर ही परीक्षा समिति ने दूसरे विश्वविद्यालयों के सेल्फ फाइनेंस शिक्षकों को बुलाकर कापियों का मूल्यांकन कराने का अहम फैसला लिया। परीक्षा समिति ने कापियों के मूल्यांकन के लिए परीक्षकों को ऑब्जेक्टिव सवालों की आंसर-की उपलब्ध कराने का निर्णय भी लिया, लेकिन यह व्यवस्था अगले शैक्षिक सत्र से लागू होगी। वहीं, कई सवालों में परीक्षा के दौरान परीक्षार्थियों के पास से बरामद मोबाइल का निस्तारण करने के लिए एक कमेटी बनाने का निर्णय हुआ। यह कमेटी तय करेगी कि गोपनीय विभाग में पड़े मोबाइल का क्या किया जाए। पिछले साल कापियां को गलत मूल्यांकन करने वाले परीक्षक डॉ. नरेंद्र प्रताप सिंह को उनके अनुरोध पर पांच साल से घटाकर तीन साल के लिए डिबार करने पर फैसला भी हुआ। कुलपति प्रो. मुशाहिद हुसैन की अध्यक्षता में हुई परीक्षा समिति की बैठक में प्रतिकुलपति प्रो. वीपी सिंह, उपकुलसचिव वीएन सिंह और डॉ. विजय बहादुर सिंह यादव समेत समिति के कई सदस्य मौजूद रहे। अवकाश पर होने से कुलसचिव एके सिंह बैठक में मौजूद नहीं रह सके।

इंसेट...
पेपर आउट और सामूहिक नकल के मामले गुम हुए
बरेली। दो महीने बाद हुई विश्वविद्यालय की इस परीक्षा समिति की बैठक में बरेली कॉलेज में कापियां गायब होने और एमएससी केमिस्ट्री का पेपर आउट करके एक कापी बाहर से लिखकर लाने का मामला रखे जाने का अनुमान था लेकिन विश्वविद्यालय ने इस बड़े प्रकरण को नजरअंदाज कर दिया। वहीं, बहेड़ी के दर्शन सिंह डिग्री कॉलेज में सामूहिक नकल का मामला भी परीक्षा समिति में रखे जाने की बात कही जा रही थी। सचल दस्ते ने पिछले महीने छापा मारकर यहां से बड़ी तादाद में नकल सामग्री बरामद की थी और इसकी रिपोर्ट भी विश्वविद्यालय प्रशासन को दे दी गई थी, जिस पर परीक्षा समिति में निर्णय लेने की बात कुलसचिव एके सिंह ने कही थी लेकिन बुधवार को हुई बैठक में यह मामला भी नहीं रखा गया। इससे विश्वविद्यालय की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं। बैठक के बाद समिति के कुछ सदस्यों ने भी कहा कि यह दोनों मामले परीक्षा समिति में रखे जाने का अनुमान था। वहीं, प्रतिकुलपति प्रो. वीपी सिंह ने कहा कि उनकी जानकारी में नहीं है कि यह दोनों मामले समिति में क्यों नहीं रखे गए।
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