यूपी बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षा की कॉपियों का मूल्यांकन सोमवार को शुरू नहीं हो पाया। शर्मा गुट समेत माध्यमिक शिक्षक संघ के सभी गुटों, वित्तविहीन शिक्षक संघ और प्रधानाचार्य परिषद के नेताओं ने शहर के सभी पांचों परीक्षा केंद्रों पर शिक्षकों को कॉपियां नहीं जांचने दीं। एफआर इस्लामियां इंटर कॉलेज का तो कोठार ही नहीं खुला और बिशप मंडल इंटर कॉलेज, केडीईएम इंटर कॉलेज तथा विष्णु इंटर कॉलेज के मूल्यांकन केंद्र पर शिक्षक नेताओं के विरोध के चलते शिक्षकों ने कॉपियां जांचने के लिए ज्वाइनिंग नहीं ली। जीआईसी में सिर्फ राजकीय शिक्षकों ने ही ज्वाइन किया लेकिन उनकी संख्या काफी कम रही। नतीजतन, यहां चंद शिक्षकों ने ही कुछ कॉपियां जांचीं।
शर्मा गुट के नेताओं ने प्रांतीय वरिष्ठ उपाध्यक्ष आफताब अहमद खां की अगुवाई में सभी केंद्रों पर टीम के रूप में पहुंचकर मूल्यांकन का बहिष्कार कराया। इनमें मंडलीय मंत्री नरेश चंद्र सक्सेना, संरक्षक विजय किशोर जौहरी, जिलाध्यक्ष डॉ. राजेंद्र कुमार गंगवार, जिला मंत्री रमेश चंद्र शर्मा और अविनाश चंद्र सक्सेना शामिल थे। उत्तर प्रदेश माध्यमिक वित्तविहीन शिक्षक संघ के प्रदेश महासचिव शंकरलाल गंगवार के नेतृत्व में जीआईसी में तमाम वित्तविहीन शिक्षकों ने अपने-अपने परीक्षक नियुक्तिपत्रों को आग लगा दी। इस मौके पर प्रधानाचार्य परिषद के जिलाध्यक्ष डॉ. सुरेश चंद्र रस्तोगी, डॉ. मनोज कुमार, डॉ. संदीप इंदवार, पांडेय गुट के जिलाध्यक्ष अखिलेश चंद्र पांडेय और प्रदेश मंत्री प्रवीन कुमार सक्सेना, अनुसूचित जाति-जनजाति पिछड़ा एवं अल्पसंख्यक शिक्षक महासभा के मंडल अध्यक्ष भानुप्रताप सिंह और जिलाध्यक्ष रमेश चंद्रा के नेतृत्व में भी मूल्यांकन बहिष्कार किया गया। बता दें कि दो साल से शिक्षकों को पारिश्रमिक का भुगतान न होने के विरोध में माध्यमिक शिक्षक संघ के सभी गुट और प्रधानाचार्य परिषद की ओर से मूल्यांकन का बहिष्कार किया जा रहा है तो वित्तविहीन शिक्षक खुद को सरकार से मानदेय मिलने की मांग पूरी न हो पाने के विरोध में कॉपियां नहीं जांच रहे हैं।
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कराएंगे वैकल्पिक इंतजाम: डीआईओएस
पहले दिन मूल्यांकन शुरू न होने पर डीआईओएस डॉ. आशुतोष भारद्वाज ने सभी केंद्रों के मूल्यांकन प्रभारियोें को वैकल्पिक बंदोबस्त करके कॉपियां जांचने का काम शुरू कराने के निर्देश दिए हैं। डीआईओएस ने सोमवार को पांचों मूल्यांकन केंद्रों का निरीक्षण किया। इस दौरान शिक्षक नेताओं ने उनके सामने ही नारेबाजी की।