बरेली कॉलेज में चीफ प्रॉक्टर से छात्र नेता धक्कामुक्की और अभद्रता करता है और कॉलेज प्रशासन चुप्पी साध लेता है। चीफ प्रॉक्टर भी इस मामले को रफादफा करने पर तुले हैं। इन हालात में ही कॉलेज में अराजकता को हवा मिल रही है। सोमवार को हुई घटना इसका उदाहरण है। इस मामले में प्राचार्य और चीफ प्रॉक्टर किसी ने कोई कार्रवाई नहीं की।
चीफ प्रॉक्टर डॉ. अजय शर्मा सोमवार को पश्चिमी गेट पर थे, तभी एबीवीपी के छात्र नेता अभय चौहान ने परीक्षा के दौरान कॉलेज में अंदर घुसने की कोशिश की। चीफ प्रॉक्टर ने रोका तो नहीं रुका। इस पर डॉ. शर्मा ने उसको पीछे से खींचा तो वह उनसे भिड़ गया और दोनों में धक्कामुक्की हुई। काफी नोकझोंक हुई। उस समय तो मामला रफादफा हो गया लेकिन इस मामले में कार्रवाई के सवाल पर चीफ प्रॉक्टर का कहना है कि बच्चे हैं, ऐसी बातें हो ही जाती हैं। अखबारों में यह वाकया छपने के बाद भी प्राचार्य डॉ. सोमेश यादव ने यह कहकर कार्रवाई को टाल दिया कि चीफ प्रॉक्टर ने तो ऐसा कुछ भी नहीं बताया, इसलिए क्या कार्रवाई करते। बता दें कि इससे पहले भी बरेली कॉलेज में इस तरह की अराजकताएं होती रही हैं। कार्रवाई न होने की वजह से ही छात्र नेताओं के हौसले बुलंद रहते हैं। सोमवार को हुई घटना इसी का नतीजा थी। कॉलेज में सपा छात्र सभा के नेताओं पर पहले भी अंकुश नहीं था और अब भी यदाकदा उनकी दबंगई के मामले सामने आते रहते हैं। एबीवीपी वाले भी उन्हीं की राह पर हैं। कॉलेज में 19 साल प्रॉक्टोरियल बोर्ड में रहे एक पूर्व शिक्षक का कहना है कि कैंपस में अब राजनीतिक का दखल ज्यादा हो गया है। हर छात्र नेता पर किसी न किसी नेता का हाथ है इसलिए कॉलेज प्रशासन कमजोर हुआ है और वह अराजकता पर कार्रवाई का साहस नहीं जुटा पाता।
वर्जन...
अगर छात्र नेता ने चीफ प्रॉक्टर से अभद्रता की है तो यह गलत है और वाकई गंभीर बात है लेकिन चीफ प्रॉक्टर ने मुझे इसकी जानकारी नहीं दी है। अगर वह लिखकर देते हैं तो कार्रवाई भी की जाएगी।
-डॉ. सोमेश यादव, प्राचार्य
--------
मैं बेवजह बच्चों को पुलिस के हाथ नहीं देना चाहता लेकिन ऐसा भी नहीं है कि पानी सिर से ऊपर हो जाएगा तो कार्रवाई नहीं करूंगा। उस लड़के ने बाद में माफी मांग ली थी इसलिए मामला रफादफा हो गया।
-डॉ. अजय शर्मा, चीफ प्रॉक्टर
::::::::::::::
इंसेट...
अस्थाई शिक्षक को माफी मांगनी पड़ी
बरेली। बरेली कॉलेज में शिक्षक संघ के दो नेताओं ने अस्थाई शिक्षक को माफी मांगने के लिए विवश कर दिया। अस्थाई शिक्षक डॉ. अखंड प्रताप सिंह दोपहर की पाली की परीक्षा में ड्यूटी के लिए 10 मिनट लेट पहुंचे थे। बताते हैं कि इस पर उन्हें ड्यूटी कार्ड देते समय वरिष्ठ शिक्षक डॉ. अनुराग मोहन ने नाराजगी जता दी। इस पर डॉ. अखंड ने सफाई दी कि वह जाम की वजह से लेट हो गए। बताते हैं कि यह बात वहां मौजूद दो शिक्षक नेताओं को बहुत अखरी और उनका अस्थाई शिक्षक से झगड़ा हो गया। इस पद दोनों शिक्षक नेता प्राचार्य डॉ. सोमेश यादव के पास पहुंचे, जिन्हाेंने अस्थाई शिक्षक को दोनों शिक्षक नेताओं से माफी मांगने को कहा। हालांकि प्राचार्य का कहना है कि अस्थाई शिक्षक से उन्होंने माफी नहीं मंगवाई बल्कि उसने खुद मांगी। वहीं, दूसरी ओर से इस मामले से कॉलेज के अस्थाई शिक्षकों में अंदरखाने नाराजगी है। अस्थाई शिक्षकों के नेता डॉ. ओमकार पटेल ने कहा कि अब अस्थाई शिक्षकों का अपमान बर्दाश्त से बाहर हो गया है। इस मामले में बुधवार को प्राचार्य से बात की जाएगी।