बरेली। यूपी बोर्ड के नौवीं और 11वीं के ऑनलाइन अग्रिम पंजीकरण में भी फर्जीवाड़ा सामने आ रहा है। फार्म संशोधन में ही वित्तविहीन विद्यालयों ने दस हजार से ज्यादा फर्जी अभ्यर्थियों का रजिस्ट्रेशन करा दिया है। मेरठ में कुल 18 हजार फर्जी रजिस्ट्रेशन हुए हैं। यूपी बोर्ड के चारों क्षेत्रीय कार्यालयों बरेली, मेरठ, बनारस और इलाहाबाद के फर्जी रजिस्ट्रेशन की संख्या 43 हजार बताई जा रही है। यूपी बोर्ड के मुख्य कार्यालय ऐसे रजिस्ट्रेशन निरस्त करने की योजना बना रहा है।
यूपी बोर्ड के ऑनलाइन अग्रिम पंजीकरण पहले खुद अभ्यर्थियों को करना था। इसके बाद कॉलेज को संशोधन का समय दिया गया। संशोधन में कोई एक सुधार ही किया जा सकता है। चाहे नाम में कर लें या फिर अभिभावक के नाम में। अधिकांश वित्तविहीन इंटर कालेजों ने पहले फर्जी नामों से रजिस्ट्रेशन करा दिया। इसके बाद अब वास्तविक अभ्यर्थी के नाम के लिए उसके और अभिभावक के नाम दोनों बदल दिये। बरेली के यूपी बोर्ड क्षेत्रीय कार्यालय में लगभग दस हजार से ज्यादा आवेदन में अभ्यर्थियों के साथ-साथ उनके अभिभावकों के नाम भी संशोधन के नाम पर बदल दिए गए हैं। इसमें बरेली और मुरादाबाद के नौ जिलों के 10 हजार अभ्यर्थी चिह्नित कर लिए गए हैं। अभी यह काम जारी है जिससे संख्या बढ़ सकती है। ऐसी सभी कालेजों के खिलाफ बोर्ड के स्तर से कार्रवाई की योजना बन रही है।