बरेली। अब सीबीएसई और आईसीएसई स्कूलों की मनमानी नहीं चलेगी। स्कूलों को हर हाल में दस फीसदी एससी, एसटी मेधावियों को दाखिला देना होगा। इनसे निर्धारित शुल्क ही लिया जाएगा। स्कूलों की मनमानी पर अंकुश लगाने के लिए जेडी की ओर से स्कूलों से विस्तृत रिपोर्ट मांगी गई है। स्कूलों को जातिवार छात्रों की संख्या का ब्यौरा भी देना होगा। बरेली, शाहजहांपुर, पीलीभीत, बदायूं को डीआईओएस के माध्यम से 15 जुलाई तक बिंदुवार रिपोर्ट देनी है।
शासनादेश के तहत माध्यमिक शिक्षा परिषद और बेसिक शिक्षा परिषद की ओर से संचालित विद्यालयों में निर्धारित शुल्क लेने का ही प्रावधान है। किताबें और यूनिफार्म अधिक दाम पर नियत दुकानों और विद्यालय से लेने का दबाव नहीं बनाया जा सकता। इसके अलावा शिक्षक, शिक्षणेतर कर्मचारियों के लिए वेतन और सेवा शर्तें बनाने का प्रावधान है। इसमें परीक्षाफल, स्थायीकरण और दंड के संबंध में विधि सम्मत प्रक्रिया का उल्लेख जरूरी है। साथ ही अवकाश नियम, पेंशन, ग्रेच्युटी, बीमा, जीपीएफ आदि का भी प्रावधान है। यह भी कहा गया है कि स्कूलों को शिक्षक, शिक्षणेतर कर्मचारियों को वेतनमान व अन्य भत्ते भी देने होंगे, जो राज्य सरकार के शासकीय, सहायता प्राप्त विद्यालयों को समय-समय पर दिये जाते हैं। इन बिंदुओं को देखते हुए मंडलभर के विद्यालयों से डीआईओएस के माध्यम से रिपोर्ट मांगी गई है।
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इन बिंदुओं पर देनी होगी सूचना
0 विद्यालय को राज्य सरकार से मिली एनओसी की छाया प्रति
0 परिषद से मान्यता और संबद्धता की छाया प्रति
0 विद्यालय के प्रबंधक की ओर से प्रधानाचार्य के प्रमाणित हस्ताक्षर, प्रबंधक, प्रधानाचार्य का नाम, मोबाइल नंबर।
0 विद्यालय में पढ़ रहे विद्यार्थियों की कक्षावार, जातिवार संख्या
0 शैक्षिक सत्र 2015-16 में नए प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों की कक्षावार और जातिवार संख्या।
0 विद्यालय में उपलब्ध कक्षा कक्षों, लैब, पुस्तकालय के कक्षों की संख्या और खेल के मैदान की स्थिति
0 शिक्षक और शिक्षणेतर कर्मचारियों का ब्यौरा।
0 प्रबंध समिति में शिक्षा निदेशक द्वारा नामित अधिकारी का नाम आदेश की प्रति के साथ।
0 प्रबंध समिति की बैठक की कार्यवृत्ति की प्रमाणित छाया प्रति।
0 सीए की ओर से किए गए आगणित का ब्यौरा।
0 छात्रों को किताबें बाजार से दी जा रही हैं या बाहर से, छात्रों को दी जाने वाली किताबों का ब्यौरा।
0 तीन सालों का कक्षावार परीक्षाफल।
0 नए प्रवेशी और पुराने छात्रों को दी गई शुल्क रसीदों की कार्यालय और काउंटर प्रति।