शिक्षिका क्षमा द्विवेदी से अभद्रता और धमकी देने के आरोपी समाजवादी छात्र सभा के जिलाध्यक्ष हृदेश यादव की गिरफ्तारी के नाम पर सोमवार को बरेली कॉलेज में पौने दो घंटे हाईवोल्टेज ड्रामा चला। शिक्षकों की मान मर्यादा धूल में मिलाते हुए प्राचार्य ने उद्दंड लेकिन अपने प्रिय छात्र को सबकी ओर से खुद ही माफ करने की घोषणा कर दी। ये अलग बात है कि हृदेश ने उनसे भी माफी मांगने से मना कर दिया था। कालेज में पुलिस बुला कर इतना जता दिया कि ये छात्र कुछ भी करे उसका कोई कुछ नहीं कर सकता। यही बात इस छात्र ने आज दोपहर कालेज में आंदोलन कर रहे शिक्षकों से भी कही थी। बात साफ हो गई कि हृदेश सपा के बड़े नेता का खास आदमी है और प्राचार्य उनकी इच्छा के विपरीत कुछ नहीं कर सकते। इसलिए बरेली कालेज इसी गुंडई के साथ चलेगा। सारा नाटक जैसे पहले ही तय था। दोपहर बाद पौने चार बजे कॉलेज कैंपस में हृदेश को पुलिस ने गिरफ्तार किया, जिसके विरोध में सछास से जुड़े छात्र नेताओं ने पूर्वी गेट पर पुलिस की गाड़ी रोक ली। वह गाड़ी के सामने लेट गए और छोड़ने के लिए साढ़े पांच बजे तक प्रदर्शन किया। पुलिस की गाड़ी तोड़ने की कोशिश हुई। इस बीच इंस्पेक्टर बारादरी के साथ छात्र नेताओं ने धक्कामुक्की की, जिससे उनकी वर्दी का बिल्ला नुच गया। मौके पर पहुंचे एसपी सिटी और सीओ को आखिरकार हृदेश को छोड़ना पड़ा।
हृदेश के खिलाफ बारादरी थाने में शिक्षिका की ओर से शासकीय कार्यों में व्यवधान डालने, गालीगलौच करने और जान से मारने की धमकी देने की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया। एसपी सिटी राजीव मल्होत्रा ने बताया कि इन धाराओं में सात साल से कम की सजा है इसलिए शांति व्यवस्था को देखते हुए जमानत के तहत रिहा किया गया है लेकिन सच यह है कि इस मामले में न तो हृदेश की जमानत कराई गई, न ही उसे पुलिस ने 41 (ए) के तहत मौके पर नियमानुसार कोई नोटिस ही रिसीव कराया। नौटंकी इसलिए की गई क्योंकि इस मामले में कानूनी कार्रवाई और गिरफ्तारी न होने पर शिक्षक संघ ने प्राचार्य को मंगलवार से परीक्षा बहिष्कार का अल्टीमेटम दे रखा था। अगर ऐसा होता तो कॉलेज में परीक्षाएं प्रभावित हो जातीं।
फिर शिक्षकों को धमकाने लगा हृदेश
सोमवार को सुबह शिक्षक संघ ने कॉलेज के कंप्यूटर सभागार में शिक्षकों की सभा बुलाई और इसमें प्राचार्य डॉ. सोमेश यादव को बुलाकर कार्रवाई के बाबत जानना चाहा। प्राचार्य ने शिक्षकों को बताया कि उन्होंने हृदेश को 10 दिन के लिए कॉलेज से सस्पेंड कर दिया है और सुबह ही थाने में तहरीर दे दी है, उस पर पुलिस को कार्रवाई करनी है। ऐसे में बृहस्पतिवार तक लिए अपना आंदोलन टालने का निर्णय कर लिया, लेकिन जैसे ही सारे शिक्षक सभा के बाद बाहर निकले, कंप्यूटर सभागार के बाहर पहुंचे हृदेश ने खुलेआम शिक्षकों को यह कहकर हड़काया कि देखेंगे कौन उसका क्या कर लेगा। इसके बाद शिक्षक फिर गुस्सा गए और शिक्षक संघ के महामंत्री डॉ. वीपी सिंह के नेतृत्व में कई शिक्षकों ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर डीएम से मुलाकात की कोशिश की। उनसे तो मुलाकात नहीं हुई, एडीएम सिटी आलोक कुमार से मिले। उन्हें बताया कि हृदेश ने फिर से खुलेआम शिक्षकों को धमकाने की कोशिश की है। उन्होंने एसपी सिटी से बात की और शिक्षकों को भी उनसे मिलने भेज दिया। उसके बाद ही प्रशासन से पुलिस को हृदेश की गिरफ्तारी के निर्देश मिल गए।
प्रदर्शन की तैयारी पहले से ही थी
गिरफ्तारी की कोशिश नाटकीय ढंग से ही हुई, कॉलेज में पुलिस फोर्स के साथ पहुंचे इंस्पेक्टर बारादरी मुहम्मद काशिम ने फोन करके हृदेश को बाटनी विभाग में बुलाया। हालांकि हृदेश उस वक्त कॉलेज कैंपस में ही था, जब वह पुलिस के पास पहुंचा तो उसको गाड़ी में बैठा लिया गया। हृदेश के साथी जिनमें कुछ छात्र भी थे. एक तो सपा की लालटोपी भी पहने हुए था, सब तुरंत ही कॉलेज के पूर्वी गेट पर इकट्ठे हो गए और हृदेश को गिरफ्तार करके ले जा रही पुलिस की गाड़ी के आगे बैठ गए। नारेबाजी और हंगामा करने लगे। गेट पर एक लाल रंग की गाड़ी पुलिस की गाड़ी के आगे आकर खड़ी हो गई थी। महेंद्र यादव, अनूप यादव, विशाल यादव, राहुल गुप्ता, इमरान अंसारी और विश्वविद्यालय के पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष शिवप्रताप सिंह यादव आदि इस हंगामे का नेतृत्व करते दिखे।
एसपी और प्राचार्य लगे थे पैचअप की कोशिश में
मामला सपा से जुड़े छात्र नेता का था इसलिए पुलिस अफसर पूरी तरह से असहाय दिखे। पूर्वी गेट पर पौने दो घंटे तक पुलिस की गाड़ी घेरकर सछास नेता हंगामा करते रहे और मौके पर एसपी सिटी प्राचार्य से बार-बार गुफ्तगू करते रहे। पुरजोर कोशिश हुई कि शिक्षिका डॉ. क्षमा द्विवेदी को मौके पर बुलाकर शांति व्यवस्था का हवाला देते हुए उनकी हृदेश से माफी मंगवा दी जाए लेकिन शिक्षिका का मोबाइल स्विचऑफ जा रहा था। ऐसे में, प्राचार्य ने शिक्षक संघ अध्यक्ष डॉ. वीपी सिंह को फोन लगाकर क्षमा द्विवेदी से बात कराने को कहा, लेकिन उन्होंने शिक्षिका के पति से बात कराई। उन्होंने माफ करने से इंकार कर दिया।
माफी मांगे बिना प्राचार्य ने माफ कर दिया
जब यह कोशिशें नाकाम रहीं तो तय हुआ कि प्राचार्य ही हृदेश को माफ कर दें ताकि मामला रफादफा हो जाए। यही हुआ भी। नौटंकी के तहत प्राचार्य के सामने लाकर हृदेश से उनसे माफी मांगने को कहा गया लेकिन हृदेश ने माफी मांगने से साफ इंकार कर दिया तो एसपी सिटी ने होहल्ला के बीच शांति व्यवस्था का हवाला और प्राचार्य की ओर से माफी देने की बात कहते हुए हृदेश को छोड़ने का ऐलान कर दिया।
इंसेट...
लेकिन शिक्षिका ने माफ नहीं किया
पूरे घटनाक्रम के बाद शिक्षिका डॉ. क्षमा द्विवेदीोंने कहा कि हृदेश ने जिस हद तक उनसे अभद्रता की, उससे उसे माफ कर दिया गया तो भविष्य में शिक्षकों के साथ ऐसी घटनाएं होती रहेंगे इसलिए उन्होंने माफ नहीं किया है। बोलीं- अगर प्राचार्य ने उन्हें माफ किया है तो यह गलत है क्योंकि दुर्व्यवहार मेरे साथ हुआ है।
कब दर्ज हुआ मुकदमा
हृदेश के खिलाफ शिक्षिका की ओर से बारादरी थाने में मुकदमा कब दर्ज हुआ। यह सवाल है। प्राचार्य डॉ. सोमेश का कहना कि सोमवार को सुबह उन्होंने बारादरी थाने में शिक्षिका की तहरीर भिजवाई, जबकि पुलिस के मुताबिक, मुकदमा रविवार शाम को ही दर्ज हो गया।
एसएसपी बोले - पता नहीं गुंडई करने वाले से डरते क्यों है
-एसएसपी धर्मवीर यादव का कहना है कि बरेली कॉलेज के प्रचार्य डॉक्टर सोमेश यादव का फोन आने पर उन्होंने ह्ृदेश यादव की गिरफ्तारी के लिए फौरन ही इंस्पेक्टर बारादरी को भेज दिया था। शिक्षिका से बदसलूकी करने के आरोप में उसके खिलाफ मुकदमा एक दिन पहले ही लिखा जा चुका था। गिरफ्तारी का विरोध में उसके साथियों के हंगामा करने पर उन्होंने एसपी सिटी को मौके पर भेज दिया था। बाद में प्रचार्य ने ही ह्ृदेश को छोड़ने का आग्रह किया। पता नहीं कॉलेज का स्टाफ गुंडई करने वालों से क्यों डरता है। किसके दबाव में उनकी बातें सुनता है। प्रचार्य के कहने के बाद भी हमने ह्ृदेश को जमानत पर छोड़ा है। कोई भी हो, बरेली कॉलेज में गुंडई नहीं होने दी जाएगी। शिक्षकों से बदतमीजी करके पढ़ाई का माहौल खराब करने वालों से सख्ती से निपटा जाएगा-
एसपी बोले प्राचार्य को छोड़ बाकी गिरफ्तारी चाहते थे
एसपी सिटी का कहना है कि हृदेश यादव को गिरफ्तार करके नियमानुसार छोड़ा गया। सोमवार को हुए बवाल की वीडियो फुटेज देखकर आगे की कार्रवाई की जाएगी। प्रॉक्टर ऑफिस से हृदेश यादव को पकड़ा गया था। बरेली कॉलेज प्राचार्य का कहना था कि उसे थाने ले जाना ठीक नहीं रहेगा। इससे कॉलेज के पठन-पाठन का माहौल खराब हो सकता है। वहां के हालत देखकर लग रहा था कि प्राचार्य को छोड़कर बाकी कॉलेज स्टाफ हृदेश की गिरफ्तारी चाह रहा था।