बरेली। डिजिटल लाइब्रेरी में पंडित राधेश्याम कथावाचक और आला हजरत साहित्य भी ऑनलाइन उपलब्ध होगा। रुहेलखंड विश्वविद्यालय को इसका डाटा अपलोड करने की जिम्मेदारी दी गई है।
रुहेलखंड विश्वविद्यालय में दीक्षांत समारोह के दौरान राज्यपाल आनंदी बेन पटेल ने डिजिटल लाइब्रेरी का उद्घाटन किया था। अगले साल तक लाइब्रेरी को तैयार कर छात्र-छात्राओं के लिए उपलब्ध कराया जाना है। इसमें रुहेलखंड विश्वविद्यालय को प्राचीन इतिहास के अलावा पंडित राधेश्याम कथावाचक और आला हजरत का साहित्य अपलोड करने की जिम्मेदारी दी गई है। पुस्तकालय के प्रभारी प्रो. श्याम बिहारी लाल ने बताया कि विश्वविद्यालय की लाइब्रेरी में मौजूद करीब एक लाख पुस्तकों की सामग्री भी डिजिटल लाइब्रेरी पर अपलोड करने का काम शुरू कर दिया गया है। इसके बाद छात्र-छात्राएं ऑनलाइन देख सकेंगे कि यहां पर कौन से लेखक की कौन सी पुस्तकें उपलब्ध हैं।