इंडो-ईरानियन कल्चरल सेंटर में छात्रों को दी विदेशी भाषा में रोजगार के अवसरों की जानकारी
बरेली। विदेशी भाषाओं की जानकारी आज रोजगार के अवसर खोल रही है। विदेशी कंपनियों में ट्रांसलेटर एक्जक्यूटिव की मांग हो या फिर पब्लिकेशन कंपनियों में ट्रांसलेटरों की, हर जगह ही विदेशी भाषाओं के जानकारों और दुभाषियों की आवश्यकता रहती है। यह जानकारी रविवार को रुहेलखंड विश्वविद्यालय के इंडो इरानियन कल्चरल सेंटर के संचालक डॉ. इरफान ने छात्र-छात्राओं को ‘विदेशी भाषाओं में रोजगार के अवसर’ विषय पर जानकारी देते हुए दी।
कहा कि आज अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बड़े पैमाने पर दुभाषियों की जरूरत को महसूस किया जा रहा है। खासकर चीनी, अरबी, फ्रांसीसी, डच, पर्सियन भाषाओं में दुभाषिए तलाशे जा रहे हैं। इन भाषाओं को सीखने से रोजगार के अच्छे अवसर मिल सकते हैं। अच्छा वेतन भी मिलता है। बताया कि इन दिनों दुभाषियों को संबंधित देश के दूतावास, उनके सांस्कृतिक केंद्रों, इंटेलिजेंस सर्विस आदि पदों पर अनुवादक के रूप में रखा जाता है।
बताया कि डिफेंस आर्मी अफसर के रूप में नियुक्ति पाई जा सकती है। इसके अलावा म्यूजियम व पुरातत्व विभाग में पांडुलिपियों के अध्ययन व देशी विदेशी पर्यटकों को इसकी जानकारी देने के लिए भी नियुक्ति मिल सकती है। वहीं, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अच्छी कंपनियों में भी रोजगार के अवसर मिलते हैं। गूगल, फेसबुक, एप्पल, अमेजन जैसी कंपनियों को भी भाषा के जानकारों की जरूरत होती है। इसके अलावा होटल, पर्यटन, पत्रकारिता, मिनिस्ट्री ऑफ फारेन अफेयर्स में भी भाषाओं के जानकार की आवश्यकता होती है।
कहां सीखें भाषाएं
विदेशी भाषाएं सीखने के लिए बहुत सारे संस्थान हैं जहां इन्हें सीखकर रोजगार पाया जा सकता है। इनमें जवाहर लाल नेहरू व दिल्ली विश्वविद्यालय, अलीगढ़ मुस्लिम व जामिया मीलिया विश्वविद्यालय, बनारस हिंदू विश्वविद्यालय जैसे संस्थाओं में पीएचडी तक की शिक्षा व शोध की व्यवस्था है। इसके अलावा राजधानी दिल्ली में विभिन्न देशों के दूतावासों में उनके सांस्कृतिक केंद्रों पर उस देश की भाषा सीखी जा सकती है। कई दूतावास ऐसे भी है जो कोई फीस भी नहीं लेते हैं।