आईवीआरआई ने फीस घटाने के नाम पर छात्रों को सिर्फ बहलाया
क्रासर
कुछ मदों में 50-100 रुपये घटाए, लेकिन हॉस्टल, ट्यूशन फीस में नहीं दी रियायत
अमर उजाला ब्यूरो
बरेली। आईवीआरआई में बढ़ी फीस वापस लेने के नाम पर प्रबंधन ने छात्रों को सिर्फ बहला दिया है। हॉस्टल फीस में आठ हजार रुपये की बढ़ोत्तरी की गई है, लेकिन विरोध के बावजूद उसमें कोई रियायत नहीं दी गई है। ऐसे ही सालाना ट्यूशन फीस भी आठ हजार रुपये बढ़ाई गई है। उसे भी कम नहीं किया गया है। सिर्फ कुछ मदों में 50-100 रुपये की कमी कर दी गई है।
आईवीआरआई प्रबंधन ने 12 दिसंबर को छात्रों की फीस बढ़ा दी थी। इसमें हॉस्टल फीस को पंद्रह सौ रुपये सालाना से बढ़ाकर आठ हजार रुपये कर दिया गया है। सालाना ट्यूशन फीस भी चार हजार रुपये वार्षिक से बढ़ाकर 12 हजार रुपये कर दी है। इसके अलावा कुछ मदों में भी सौ से दो सौ रुपये तक बढ़ाए गए, लेकिन जब छात्रों ने विरोध किया तो बाकी मदों की फीस में 50-100 रुपये की कमी कर दी गई, लेकिन हॉस्टल और ट्यूशन फीस में कोई रियायत नहीं दी गई। छात्रों ने संस्थान निदेशक को पत्र लिखा तो प्रबंधन ने शनिवार को गेम्स, कौंसिल फीस, मैग्जीन, कल्चरल एक्टिविटी और लाइब्रेरी की की दो सौ तय की गई फीस वापस ले ली गई। उप निदेशक प्रोफेसर त्रिवेणी दत्त ने बताया कि तमाम फैसले शासन स्तर से होते हैं। कुछ मदों में फीस कम की गई है। उसकी डिटेल संस्थान की साइट पर अपलोड कर दी गई है।