इसी गड़बड़ी के चलते वर्ष 2018 में बर्बाद हो गया था तमाम छात्रों का साल
पिछले साल हुई गलती से भी रुहेलखंड विश्वविद्यालय ने नहीं लिया सबक
बरेली। बीते वर्ष की गलतियों से भी रुहेलखंड विश्वविद्यालय कोई सबक नहीं ले रहा है। इसका खामियाजा छात्र-छात्राएं उठा रहे हैं। पिछले साल की तरह ही एमए उर्दू फाइनल ईयर के ऑनलाइन परीक्षा फार्म में फर्स्ट ईयर के पेपर दिख रहे हैं। अगर गलती से फाइनल ईयर के छात्र ने फर्स्ट ईयर का कोई भी पेपर चुना तो फिर उसका रिजल्ट रुक जाएगा। इसको लेकर कुलपति प्रो. अनिल शुक्ल से शिकायत की गई है।
इन दिनों रुहेलखंड विश्वविद्यालय की मुख्य परीक्षा के ऑनलाइन फार्म भरे जा रहे हैं। इनमें एमए उर्दू फाइनल ईयर के ऑनलाइन परीक्षा फार्म भरने के दौरान उसके साथ ही फर्स्ट ईयर के पेपर भी दिख रहे हैं। पिछले साल भी यही गड़बड़ी हुई थी। इसके चलते बरेली एवं मुरादाबाद मंडल के एमए उर्दू फाइनल ईयर के सैकड़ों छात्रों ने गलती से फर्स्ट ईयर के पेपर का चयन कर लिया था। इस वजह से इनमें से कुछ छात्रों का रिजल्ट रुका और कुछ फेल हो गए। इस स्थिति में जिन्होंने एक पेपर गलत चुना था, उन्हें इंप्रूवमेंट फार्म डालने का मौका मिल गया। मगर, जिन्होंने दो या उससे ज्यादा गलत पेपर चुने थे, उनकी साल बर्बाद हो गई। विश्वविद्यालय की गलती का खामियाजा छात्र-छात्राओं को भुगतना पड़ा था। विश्वविद्यालय में इसकी शिकायत भी हुई थी लेकिन फिर भी इस गलती को दोहरा दिया गया है। बृहस्पतिवार को छात्रनेता इमरान अंसारी ने इस संबंध में कुलपति प्रो. अनिल शुक्ल को अवगत कराया है। कुलपति ने समस्या का शीघ्र समाधान कराने का आश्वासन दिया है।