जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी ने क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी को लिखा पत्र
एक सप्ताह में संबंधित कालेजों से फार्मों की जांच कराने को कहा, वरना होगी कार्रवाई
बरेली। राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (एनआईएसए) राज्य इकाई ने दशमोत्तर छात्रवृत्ति/शुल्क प्रतिपूर्ति योजना के तहत वर्ष 2019-20 के लिए भरे गए फार्मों में 164 कालेजों के 9293 ओबीसी छात्रों के आवेदन संदेहास्पद पाए हैं। इस संबंध में जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी प्रेम प्रकाश ने क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी को पत्र लिखकर सभी फार्मों के संबंध में स्पष्ट रिपोर्ट साक्ष्यों सहित उपलब्ध कराने को कहा है। साथ ही समय से रिपोर्ट ना भेजने पर कार्रवाई की बात भी कही है।
पत्र में कहा गया है कि एनआईएसए राज्य इकाई ने जनपद बरेली के स्नातक व इससे ऊपर की कक्षाओं में 9293 छात्र-छात्राओं का डेटा संदेहास्पद श्रेणी में छांटा है। साथ ही कॉलेजों से छात्रों के संबंध में सूचना एकत्रित करने व इसकी रिपोर्ट एक सप्ताह में भेजने को कहा है। इस रिपोर्ट के मिलने के बाद इन मामलों पर जिला स्तरीय समिति द्वारा निर्णय लिया जाएगा। कहा कि यदि एक सप्ताह में रिपोर्ट नहीं मिलती है तो मान लिया जाएगा कि इन संदेहास्पद फार्मों के संदर्भ में संबंधित संस्थान को कुछ भी नहीं कहना है। इसके बाद नियमानुसार कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
बरेली कालेज के सबसे अधिक 1101 आवेदन
संदेहास्पद सूचना देने वाले आवेदनों में सबसे अधिक बरेली कालेज के आवेदन पाए गए हैं। यहां 1101 फार्म संदेहास्पद मिले। वहीं, रुहेलखंड विश्वविद्यालय के 355, गन्ना उत्पादक महाविघालय के 341, चौ. हरनाम सिंह महाविद्यालय के 242, गुरुशंकर पीजी कालेज के 284 फार्म संदेहास्पद पाए गए हैं।