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छुट्टी की सूचना ना होने पर कॉलेज पहुंचे छात्रों ने किया प्रदर्शन

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बरेली। बरेली कॉलेज में सोमवार को उस समय अजीब स्थिति पैदा हो गई जब सैकड़ों छात्र कॉलेज पहुंचे और उन्होंने कॉलेज के स्टॉफ से कक्षाएं खोलने को कहा। स्टाफ ने कहा कि कॉलेज 31 दिसंबर तक बंद है। ऐसे में छात्रों को कॉलेज आना ही नहीं चाहिए था। इस पर छात्रों ने कहा कि कॉलेज की ओर से उन्हें कोई भी सूचना नहीं दी गई। छात्र काफी नाराज भी हुए और कॉलेज के सामने हंगामा और नारेबाजी करने लगे। सूचना मिलने पर चीफ प्रॉक्टोरियल बोर्ड के सदस्य मौके पर पहुंचे और किसी तरह समझा बुझाकर छात्रों को वापस जाने को राजी किया।
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सोमवार को बरेली कॉलेज में सुबह करीब साढ़े ग्यारह बजे एकाएक हंगामा होने लगा। छात्र कॉलेज परिसर में हाय-हाय के नारे लगा रहे थे। इसी दौरान वहां चीफ प्रॉक्टोरियल बोर्ड के सदस्य भी पहुंचे और वह छात्रों को समझाने लगे। कुछ छात्रों ने कॉलेज परिसर में अपनी कक्षाओं की ओर रुख किया तो उन्हें अंदर नहीं जाने दिया गया। पूछने पर कुछ छात्रों ने बताया कि कॉलेज में पिछले तीन-चार दिनों से छुट्टी थी। इसके बाद सोमवार से कॉलेज खुलने की बात कही गई थी। पर यहां पहुंचने पर पता चला कि कॉलेज 31 दिसंबर तक बंद कर दिया गया है। कॉलेज प्रशासन को यह सूचना सही तरीके से छात्रों तक पहुंचानी चाहिए थी। उधर, कॉलेज के भी टीचिंग स्टॉफ ने कहा कि शैक्षणिक कार्य बंद था पर कॉलेज के टीचरों और अन्य सभी स्टॉफ को आने को कहा गया था। इसी को लेकर थोड़ा संशय हुआ होगा। वहीं चीफ प्रॉक्टर वंदना शर्मा ने कहा कि विश्वविद्यालय की ओर से सभी कॉलेजों और विश्वविद्यालय कैंपस को बंद करने की सूचना पहले ही संचार माध्यमों से जारी की जा चुकी है। अब अलग से कॉलेज द्वारा सूचना जारी करने का कोई प्रश्न नहीं था। यह शरारती छात्र थे, जिन्होंने शरारत करने के लिए यह सब उत्पात किया।
शाम तक जारी कर दी गई सूचना
इस घटना के बाद बरेली कॉलेज के प्राचार्य डॉ. अनुराग मोहन ने संशोधित पत्र जारी कर अवकाश की सूचना दी। पत्र में कहा गया कि 24 से 31 दिसंबर तक कॉलेज में शीतावकाश रहेगा। 25 दिसंबर को क्रिसमस-डे पर छुट्टी रहेगी। एक जनवरी के अवकाश को निरस्त कर दिया गया है। इस दिन कॉलेज यथावत खुलेगा। पत्र में 24 दिसंबर से प्रत्येक कार्य दिवस पर कार्यालय व पुस्तकालय यथावत खुला रखने की भी बात कही गई है।
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