बरेली। रुहेलखंड विश्वविद्यालय परिसर स्थित समाज कल्याण विभाग के हॉस्टल से अवैध कब्जेदारों को हटाने के लिए प्रशासन ने कवायद शुरू कर दी है। बुधवार को डीएम ने एसडीएम और एसीएम को विश्वविद्यालय स्थित तीन हॉस्टल समेत छह हॉस्टल का नोडल अधिकारी नियुक्त किया है। डीएम ने इन अफसरों को हॉस्टल का निरीक्षण कर अवैध कब्जे हटाने और उसकी दशा सुधारने की दिशा में काम करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने समाज कल्याण विभाग को नोडल अफसरों का सहयोग करने को कहा है।
रुहेलखंड विश्वविद्यालय परिसर स्थित समाज कल्याण विभाग के हास्टल में अवैध कब्जे हटाने की कार्रवाई शुरू हो चुकी है। पिछले दिनों छापामारी में यहां बाहरी लोगों का कब्जा मिला था, जिसे हटाने के लिए विश्वविद्यालय ने समाज कल्याण विभाग समेत डीएम को पत्र लिखकर कार्रवाई की मांग की थी। इस पर डीएम ने चार अफसरों को छात्रावासों का नोडल अफसर नियुक्त कर निरीक्षण रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही, वहां के कब्जे हटाकर दशा सुधारने को भी कहा है। समाज कल्याण अधिकारी अशोक दीक्षित ने बताया कि जिलाधिकारी के निर्देशों के अनुरूप जल्दी ही नोडल अफसरों से बैठक कर कार्रवाई शुरू की जाएगी।
20-20 सालों से हैं कब्जेदार
रुहेलखंड विश्वविद्यालय परिसर में समाज कल्याण विभाग के तीन हॉस्टल हैं। इनमें एक महिला हॉस्टल भी है, जो विश्वविद्यालय को हैंडओवर हो चुका हैै। मगर दो अन्य हास्टल अभी भी समाज कल्याण विभाग संचालित कर रहा है। विश्वविद्यालय की जांच में पता चला है कि इन हॉस्टल में 20-20 सालों से लोग रह रहे हैं। न तो यह छात्र हैं और न ही हॉस्टल में इनका रिकार्ड है। इसे लेकर पिछले दिनों राज्यमंत्री अशोक कटारिया से भी चर्चा हो चुकी है।
छात्रावास और नोडल अफसर
राजकीय अनुसूचित जाति जनजाति बालक छात्रावास प्रथम रुहेलखंड विश्वविद्यालय : ईशान प्रताप सिंह, एसडीएम, सदर
राजकीय अनुसूचित जाति जनजाति बालक छात्रावास द्वितीय रुहेलखंड विश्वविद्यालय : ईशान प्रताप सिंह, एसडीएम, सदर
राजकीय अनुसूचित जाति जनजाति बालक छात्रावास भोलापुर आंवला : अरुण कुमार, एसडीएम, आंवला
राजकीय अनुसूचित जाति जनजाति बालक छात्रावास आंवला : अरुण कुमार, एसडीएम, आंवला
राजकीय अनुसूचित जाति जनजाति बालिका छात्रावास प्रथम रुहेलखंड विश्वविद्यालय : ममता मालवीय, एसीएम, चतुर्थ
राजकीय अनुसूचित जाति जनजाति बालिका छात्रावास मूकबधिर परिसर : श्यामलता आनंद, एएसडीएम