रुहेलखंड विश्वविद्यालय में इंडो-ईरानियन स्टडीज सेंटर में एडमिशन शुरू
बरेली। रुहेलखंड विश्वविद्यालय मेें इंडो ईरानियन स्टडीज सेंटर युवाओं के लिए नए अवसर ला रहा है। पर्सियन भाषा सीखने पर ना केवल ईरान सरकार स्कॉलरशिप दे रही है, बल्कि व्यवसाय के क्षेत्र में भी अच्छे मौके मिलने की संभावना है। स्कॉलरशिप के तहत ईरान में दो महीने तक रहने, खाने और आने-जाने का पूरा खर्चा ईरान सरकार ही वहन करेगी।
रुहेलखंड विश्वविद्यालय परिसर स्थित इंडो ईरानियन स्टडीज सेंटर के संचालक प्रो. इरफान ने बताया कि इस वक्त छह महीने के तीन लेवल के कोर्स का संचालन किया जा रहा है। इसमें ए, बी और सी लेवल कोर्स शामिल हैं। प्रथम लेवल में पर्सियन भाषा की वर्तनी और बोलचाल की भाषा का ज्ञान कराया जाता है। दूसरे लेवल में निबंध लिखना और कई किताबों को पढ़ाया जाता है। तीसरे लेवल पर ग्रुप डिस्कशन समेत पर्सियन फिल्में और अन्य चीजें दिखाकर भाषा विशेषज्ञ बनाया जाता है। इन तीनों कोर्सों का सर्टिफिकेट दिल्ली स्थित ईरान दूतावास से जारी किया जाता है। इस डिग्री की वैश्विक स्तर पर मान्यता भी है।
सी लेवल कोर्स करने के बाद विद्यार्थी ईरान सरकार से मिलने वाली स्कॉलरशिप के लिए आवेदन कर सकता है, जिसके लिए स्टडी सेंटर भी मदद करता है। यदि स्कॉलरशिप मिल जाती है तो अभ्यर्थी को दो महीने के लिए ईरान जाकर वहां की संस्कृति, सभ्यता और इतिहास को जानने का मौका मिलता है। प्रो. इरफान ने बताया कि पर्सियन सीखने के बाद भारत-ईरान के बीच व्यापार कर रही सैकड़ों बहुराष्ट्रीय कंपनियों में ट्रांसलेटर की जॉब मिल सकती है। इसके अलावा मीडिया में भी अवसरों के द्वार खुल जाते हैं। उन्होंने कहा कि कोर्स में स्टडी के लिए एडमिशन चल रहे हैं।