सैकड़ों की तादाद में अभ्यर्थियों की मौजूदगी से शहर के कई चौराहे जाम
बरेली। सीबीएसई की ओर से आयोजित होने वाली केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा (सीटीईटी) रविवार को कड़ी निगरानी में शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुई। कुछ केंद्रों पर अभ्यर्थियों के देरी से पहुंचने पर छिटपुट हंगामा भी हुआ। दो पालियों में संपन्न हुई परीक्षा के लिए 57214 अभ्यर्थियों ने रजिस्ट्रेशन कराया था। इसमें 51887 ने परीक्षा दी और 5327 अभ्यर्थी गैरहाजिर रहे। दूसरी पाली की परीक्षा खत्म होने के बाद सड़कों पर भारी तादाद में अभ्यर्थियों की मौजूदगी से रास्ते जाम रहे।
शहर के 71 परीक्षा केंद्रों पर अभ्यर्थियों को सघन चेकिंग के बाद परीक्षा कक्ष में भेजा गया। चेकिंग के दौरान इलेक्ट्रॉनिंग गैजेट, अन्य दस्तावेज बाहर ही रखवा दिए गए। हर केंद्र पर एक अधीक्षक और निरीक्षक की तैनाती के अलावा सीसीटीवी कैमरे से भी निगाह रखी गई। कोऑर्डिनेटर रहे डीपीएस के प्रिंसिपल वीके मिश्र ने बताया कि पहली पाली में 38523 अभ्यर्थी रजिस्टर्ड थे, लेकिन 3328 अनुपस्थित रहे। दूसरी पाली में 18571 अभ्यर्थी रजिस्टर्ड थे लेकिन 1999 अनुपस्थित रहे। छात्रों ने बताया कि प्रश्नपत्र अच्छा था, लेकिन मैथ्स और तर्कशक्ति परीक्षण के सवाल थोड़े कठिन थे।
चौपुला समेत अन्य चौराहों पर भीषण जाम
पहली पाली की परीक्षा दोपहर 12 बजे तो दूसरी पाली की परीक्षा शाम चार बजे खत्म हुई। इसके बाद एक साथ सैकड़ों की तादाद में परीक्षा देकर केंद्र से बाहर निकले अभ्यर्थियों की भीड़ से शहर के विभिन्न चौराहों पर जाम का माहौल रहा। सबसे भीषण जाम चौपुला पर रहा। यहां करीब घंटे भर तक ट्रैफिक रेंग-रेंग कर घिसटता रहा। जाम में फंसे लोगों को इससे निजात पाने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक लंबा जाम देखकर कई राहगीर गलियों से गुजरने लगे। जिसके चलते गलियों में भी जाम सा नजारा रहा।
संकरी पुलिया पर रोजाना जाम
रिठौरा। थाना इज्जतनगर के गांव कलापुर की संकरी पुलिया पर महीनों से जाम की स्थिति भयावह हो रही है। बरेली-पीलीभीत मार्ग पर तमाम अधिकारी एवं राजनेता भी इस मार्ग से रोजाना गुजरते हैं। लेकिन किसी का भी ध्यान इस ओर नहीं जा रहा। जाम से मुक्ति नहीं मिलने पर ग्रामीणों में आक्रोशित हैं। कलापुर के पूर्व प्रधान जुगल किशोर ने बताया तमाम मरीज, छात्र, बुजुर्ग, मजदूर रोजाना जाम में फंसकर परेशान हो रहे हैं लेकिन कोई भी सरकारी नुमाइंदा समस्या से निजात दिलाने के लिए आगे नहीं आ रहा। आने वाले समय में कोहरा एवं नहर में पानी से जाने भी जाने का अंदेशा बढ़ जाएगा।