रुहेलखंड विश्वविद्यालय प्रशासन ने 75 प्रतिशत उपस्थिति न होने और कोर्ट का कोई आदेश न होने का हवाला देकर सोमवार को ही छात्रा को परीक्षा दिलाने से इनकार कर दिया था। इसके बावजूद पुलिस अभिरक्षा में मंगलवार सुबह करीब पौने आठ बजे छात्रा फिर रुहेलखंड विश्वविद्यालय पहुंच गई।
सूचना पर विधि विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. अमित सिंह, सुरक्षा प्रभारी सुधांशु शर्मा, प्रॉक्टोरियल बोर्ड और पुलिस पहुंच गई। प्रवेश पत्र न होने की स्थिति में छात्रा को परीक्षा केंद्र में घुसने से रोक दिया गया। इसके बाद पुलिसकर्मी रजिस्ट्रार डॉ. सुनीता पांडेय से मिलने, पहुंचे लेकिन वह नहीं मिलीं।
मीडिया से बातचीत में परीक्षा से रोके जाने के सवाल पर छात्रा ने कहा कि कोर्ट चाहता तो पुलिस अभिरक्षा में ही उसकी पढ़ाई हो जाती और उसकी उपस्थिति की समस्या का समाधान हो जाता। जब उससे पूछा गया कि क्या कोर्ट में इस बावत उसने आवेदन किया है तो वह टाल गई। आगे क्या करना है, इस सवाल पर कहा कि पापा हमारे मामले की पैरवी कर रहे हैं, अब इसे भी वही देखेंगे।
‘कोर्ट ने छात्रा को परीक्षा दिलाने के संबंध में विश्वविद्यालय को कोई निर्देश नहीं दिया है। कोर्ट अगर छात्रा को राहत देते हुए विश्वविद्यालय को कोई निर्देश देगा तो उसके लिए विशेष परीक्षा भी करा दी जाएगी।’