बरेली। रुहेलखंड विश्वविद्यालय में रूसा के तहत बनने जा रही सेंट्रल लैब में छात्र-छात्राओं को विदेशी भाषाओं का अध्ययन करने का मौका मिलेगा। इस लैब में नेत्रहीन एवं मूक बधिर छात्र-छात्राओं के लिए भी जरूरी सुविधाएं विकसित की जाएंगी। स्वीमिंग पूल के लिए भी अतिथि गृह के पास जगह चिह्नित की गई है। राजकीय निर्माण निगम को सेंट्रल लैब और स्विमिंग पूल के निर्माण का खाका खींचने और एस्टीमेट तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।
रूसा के तहत प्रशासनिक भवन से दक्षिण दिशा में स्थित साइकिल स्टैंड वाली जमीन पर सेंट्रल लैब बनाने की प्लानिंग है। इसको लेकर शनिवार को राजकीय निर्माण निगम के अफसरों ने कुलपति प्रो. अनिल शुक्ल और प्रो. संजय मिश्रा के साथ स्थलीय निरीक्षण किया। इसके बाद उन्होंने अतिथिगृह के सामने स्विमिंग पूल के लिए चयनित की गई जगह का भी निरीक्षण किया। अब राजकीय निर्माण निगम को इन दोनों प्रोजेक्ट की डिजाइन और एस्टीमेट तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रो. संजय मिश्रा ने बताया कि सेंट्रल लैब को जर्मन, फ्रेंच, स्पैनिश समेत तमाम विदेशी भाषाएं सीखने के लिए तैयार किया जाएगा। साथ ही यहां ऐसी सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी, जिनसे नेत्रहीन, मूक-बधिर एवं अन्य शारीरिक अक्षमताओं वाले छात्र-छात्राएं भी आकर ज्ञान हासिल कर सकें।
राजकीय निर्माण निगम की टीम ने सेंट्रल लैब और स्वीमिंग पूल के लिए जगह का निरीक्षण कर लिया है। अब वे लोग डिजाइन और एस्टीमेट बनाकर देंगे तो टेंडर निकालकर काम शुरू कराया जाएगा।
- डॉ. सुनीता पांडेय, कुलसचिव रुहेलखंड विश्वविद्यालय