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मूल्यांकन में लापरवाही ने तोड़ दिया छात्रा का गोल्ड मेडलिस्ट बनने का सपना

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बरेली। रुहेलखंड विश्वविद्यालय में मूल्यांकन में हो रही धांधली और लापरवाही ने एक छात्रा का गोल्ड मेडलिस्ट बनने का सपना चकनाचूर कर दिया। परीक्षा परिणाम आने के बाद छात्रा ने चुनौती मूल्यांकन (चैलेंज इवेल्यूशन) कराया तो तीन पेपर में उसके 49 नंबर बढ़ गए और उसके अंक टॉपर के बराबर हो गए। इस पर छात्रा ने विश्वविद्यालय में संयुक्त रूप से टॉपर बनाने के लिए आवेदन किया लेकिन विश्वविद्यालय ने उसे खारिज कर दिया। साथ ही ऐसे मामलों से पीछा छुड़ाने के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन अब गोल्ड मेडल नियमावली में बदलाव की तैयारी कर रहा है।
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रुहेलखंड विश्वविद्यालय से संबद्ध पीलीभीत के पुष्प इंस्टीट्यूट में बीएसी गृहविज्ञान की छात्रा आकांक्षा का फाइनल ईयर का परीक्षा परिणाम घोषित हुआ तो उसे 2187 अंक मिले। आकांक्षा मिले नंबरों से संतुष्ट नहीं हुई और रुहेलखंड विश्वविद्यालय में चुनौती मूल्यांकन के लिए आवेदन कर दिया। तीन विषय में चुनौती मूल्यांकन के दौरान उसके 49 नंबर बढ़े और फाइनल ईयर का प्राप्तांक 2236 हो गया। इसी बीच आकांक्षा को जानकारी हुई कि दीक्षांत समारोह में बीएससी गृहविज्ञान के लिए टॉपर का गोल्ड मेडल पाने वाली छात्रा को भी इतने ही अंक मिले थे और फिर उसने संयुक्त रूप से टॉपर के लिए आवेदन किया। मगर विश्वविद्यालय ने दीक्षांत समारोह के बाद ऐसे मामलों पर विचार करने से इनकार करते हुए छात्रा का आवेदन निरस्त कर दिया।

गोल्ड मेडल के नियम बदले जाएंगे

छात्रा के आवेदन जैसी समस्याओं से निपटने के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन अब गोल्ड मेडल नियमावली में बदलाव की तैयारी कर रहा है। इसमें दीक्षांत के बाद ऐसे मामलों पर विचार न करने जैसे बदलाव शामिल किए जाएंगे।
मूल्यांकन पर पहले भी उठे सवाल
रुहेलखंड विश्वविद्यालय में मूल्यांकन प्रक्रिया की गड़बड़ी पर पहले भी सवाल उठे हैं। बीते सत्र में भी इसको लेकर तमाम सवाल उठे थे। मूल्यांकन में धांधली का ऑडियो वायरल होने के अलावा कुछ कर्मचारियों पर भी गड़बड़ी के आरोप लगे थे। इसके अलावा मूल्यांकन के दौरान ही एक शिक्षक को एक मिनट से भी कम समय में कॉपी को जांचते हुए पकड़ा गया था।
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चैलेंज मूल्यांकन में नंबर बढ़ने के बाद छात्रा ने आवेदन किया था लेकिन दीक्षांत समारोह संपन्न होने के बाद इस पर विचार करना संभव नहीं है। ऐसी ही समस्याओं को देखते हुए गोल्ड मेडल नियमावली में बदलाव करने की भी तैयारी चल रही है।
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- प्रो. एके जैतली, डीन स्टूडेंट वेलफेयर, रुहेलखंड विश्वविद्यालय
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