बरेली। शासन के कड़े फरमान के बावजूद बोर्ड परीक्षा केंद्रों पर न तो राउटर लगाए और न ही ब्रॉडबैंड। तहसीलवार कराई जा रही जांच में कॉलेजों की पोल खुल रही है। टीमें मंगलवार को अपनी रिपोर्ट डीआईओएस कार्यालय भेजेंगे। इसके बाद रिपोर्ट समिति को सौंपी जाएगी। हालांकि इन सेंटरों को सूची से बाहर करने से पहले एक मौका देने पर विचार किया जा रहा है।
पिछले साल से शासन ने नकल रोकने के लिए केंद्रों के लिए मानक कड़े कर दिए। दो सीसीटीवी कैमरों के साथ वॉयस रिकॉर्डर भी अनिवार्य किए। हालांकि इसके बावजूद कुछ केंद्रों गड़बड़ियां हुई। नकल पर पूरी तरह से लगाम लगाने के लिए इस बार शासन ऑनलाइन मॉनिटरिंग कराने की तैयारी में है, जिसके लिए केंद्रों पर ब्रॉडबैंड सेवा और राउटर लगाना अनिवार्य कर दिया। सीसीटीवी कैमरों के आईपी एड्रेस को एक सर्वर से जोड़कर लखनऊ से मॉनिटरिंग होगी। कॉलेजों ने दोनों साइड में सीसीटीवी कैमरे और वॉयस रिकॉर्डर तो लगाए, लेकिन ब्रॉडबैंड और राउटर नहीं लगाए। हालांकि ऑनलाइन अपलोड डाटा में सारे मानक पूरे करने की बात कही। अब शासन के निर्देश पर इनकी जांच कराई जा रही है। तहसीलवार टीमें लगाकर मानकों की जांच कराई जा रही है। मंगलवार को टीमों को रिपोर्ट देना है। सूत्रों के अनुसार जिन कॉलेजों में टीमों ने जांच की उनमें बाकी मानक तो पूरे हैं, लेकिन अधिकतर में राउटर और ब्रॉडबैंड सेवा नहीं है। इन कॉलेजों को मानक पूरा करने के लिए एक मौका देने पर भी विचार चल रहा है। डीआईओएस मन भरन राम राजभर ने बताया कि टीमें कॉलेजों में जाकर जांच कर रही हैं। रिपोर्ट आने के बाद स्थिति स्पष्ट होगी। जहां मानक पूरे नहीं होंगे शासन को उनकी रिपोर्ट भेज दी जाएगी।
अब भी आ रही आपत्तियां : बोर्ड परीक्षा केंद्रों पर आपत्तियों के निस्तारण की जांच भी शुरू हो गई है। वहीं, डीआईओएस कार्यालय पर अब भी आपत्तियां आ रही है। केंद्र बनाने और आवंटन संशोधित कराने की ज्यादा आपत्तियां हैं। समिति के सामने इनको भी रखा जाएगा।