बरेली। प्राइमरी और जूनियर हाईस्कूलों को मिली कंपोजिट ग्रांट की रकम में फर्जी बिल-बाउचर और ओवरराइटिंग कर घपला करने में चार प्रधानाध्यापकों को निलंबित कर दिया है। प्रभारी मंत्री श्रीकांत शर्मा के आदेश पर सीडीओ की जांच रिपोर्ट में गंभीर गड़बड़ियां सामने आईं थी। बुधवार को डीएम नितीश कुमार ने भी बीएसए को 15 दिन के अंदर दुरुपयोग की गई कंपोजिट ग्रांट की वसूली और गुणवत्तापरक सामग्री की खरीद की समयसीमा दी थी। इसके बाद बीएसए ने यह कार्रवाई की है।
26 सितंबर को प्रभारी मंत्री के सामने विधायकों ने कंपोजिट ग्रांट की रकम से खेल सामग्री की खरीद न होने और गड़बड़ी की शिकायत की थी। इसके बाद सीडीओ सत्येंद्र कुमार ने जांच में बेसिक शिक्षा विभाग के कई स्कूलों में गंभीर गड़बड़ियां पकड़ी थी। जांच में उजागर हुआ था कि तमाम स्कूलों में किताबों के बिल पर खेल सामग्री खरीद ली गई। खरीद पंजीकृत फर्म से होने के कारण बिल भी पक्के नहीं बने थे। कई बिलों में ओवरराइटिंग थी। सीडीओ की रिपोर्ट के आधार पर बीएसए तनुजा त्रिपाठी ने भदपुरा ब्लॉक के प्राइमरी स्कूल बिजासिन के प्रधानाध्यापक मुरारी लाल, भुता ब्लॉक के प्राइमरी स्कूल गत्थुआ के प्रधानाध्यापिका प्रियंका सिंह, फरीदपुर ब्लॉक के हरेला जूनियर हाईस्कूल के प्रधानाध्यापक रजनीश कुमार और फरीरदपुर ब्लॉक के प्राइमरी स्कूल कजरौटा के प्रधानाध्यापिका माला देवी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।