बरेली। रुहेलखंड विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. अनिल शुक्ल और कुलसचिव डॉ. सुनीता पांडेय ने सोमवार को प्रशासनिक भवन में छापा मारा तो 10-12 कर्मचारी अपनी सीटों से गैरहाजिर मिले। इन सभी को अनुपस्थित दर्ज करने के साथ ही नोटिस जारी करके तीन दिन में स्पष्टीकरण मांगा गया है।
कर्मचारियों से सीट से गायब रहने और बिना बताए छुट्टी लेने की परंपरा पर रुहेलखंड विश्वविद्यालय में सख्ती शुरू हो गई है। सोमवार को अपराह्न करीब पौने ग्यारह बजे अचानक ही कुलपति प्रो. अनिल शुक्ल और कुलसचिव डॉ. सुनीता पांडेय ने प्रशासनिक भवन के कार्यालयों में निरीक्षण शुरू कर दिया। इससे कर्मचारियों में हड़कंप मच गया। उन्होंने गोपनीय, परीक्षा, संबद्धता, सिंगल विंडो, अकाउंट, कंप्यूटर रूम आदि कार्यालयों का निरीक्षण किया। इस दौरान 10-12 कर्मचारी अपनी सीटों पर मौजूद नहीं मिले। कुलपति ने रजिस्टर में फौरन ही इन सभी कर्मचारियों को अनुपस्थित दर्ज कर दिया। वहीं कुलसचिव ने इन सभी कर्मचारियों को नोटिस जारी करके तीन दिन में स्पष्टीकरण मांगा है। जवाब संतोषजनक न मिलने पर इनके खिलाफ आगे की कार्रवाई की जाएगी।
मैंने और कुलपति ने कार्यालयों का निरीक्षण किया था। 10-12 कर्मचारी गैरहाजिर मिले हैं, उन्हें नोटिस जारी करके तीन दिन में जवाब मांगा गया है।
- डॉ. सुनीता पांडेय, कुलसचिव, रुहेलखंड विश्वविद्यालय