फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

प्राचार्य के बनाए चीफ गेस्ट दरकिनार, विभागाध्यक्ष ने अपने पति को बुलाया

विज्ञापन
विज्ञापन
बरेली। ललित कला विभाग में आयोजित प्रदर्शनी में चीफ गेस्ट बदलना बरेली कॉलेज में चर्चा का विषय बना हुआ है। यहां प्राचार्य डॉ. अनुराग मोहन ने डीआईजी राजेश पांडेय को बतौर मुख्य अतिथि आमंत्रित किया था। मगर विभागाध्यक्ष डॉ. मंजु सिंह ने प्रोटोकाल का मामला बताकर चीफ गेस्ट अपने पति एवं राज्य ललित कला अकादमी के अध्यक्ष डॉ. आरएस पुंडीर को बना दिया।
विज्ञापन

प्रदर्शनी की तिथि तय होने के बाद ही डीआईजी राजेश पांडेय से मौखिक सहमति मिलने के बाद प्राचार्य डॉ. अनुराग मोहन और चीफ प्रॉक्टर डॉ. वंदना शर्मा उन्हें जाकर आमंत्रित करके आई थीं। डीआईजी ने इसकी मंजूरी भी दे दी थी। मगर दो दिन पहले प्राचार्य ने डीआईजी के पीआरओ को फोन करके कार्यक्रम स्थगित होने की सूचना दी और इस पर खेद जताया। मगर कॉलेज में कहा जा रहा है कि प्रोटोकॉल का हवाला देकर ललितकला विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. मंजु सिंह ने डीआईजी को मुख्य अतिथि बनाने के बजाय राज्य ललित कला अकादमी के अध्यक्ष डॉ. आरएस पुंडीर को मुख्य अतिथि बनाने की बात कही। साथ ही यह कार्यक्रम अकादमी से तय होना बताया। कॉलेज में यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है क्योंकि डॉ. आरएस पुंडीर विभागाध्यक्ष के पति हैं।

मैंने डीआईजी को आमंत्रित किया था और उन्होंने सहमति भी दे दी थी। मगर प्रोटोकॉल का हवाला देकर डॉ. पुंडीर को बुलाने की बात कही गई तो मैंने डीआईजी से माफी मांग ली। - डॉ. अनुराग मोहन, प्राचार्य
विज्ञापन

अकादमी का कार्यक्रम है और वहीं से सबकुछ तय होता है। मैंने प्राचार्य से विशिष्ट अतिथि के रूप में लोगों को बुलाने को कहा था। उन्होंने डीआईजी को मुख्य अतिथि का पत्र भेज दिया। - डॉ. मंजु सिंह, विभागाध्यक्ष, ललित कला
कॉलेज में क्या हो रहा है, मुझे पता नहीं। प्राचार्य और चीफ प्रॉक्टर मुझे आमंत्रित करने आए थे। अभी दो दिन पहले मेरे पीआरओ को फोन करके बताया कि कार्यक्रम स्थगित हो गया है। - राजेश पांडेय, डीआईजी

सृजन का आयाम प्रस्तुत करती हैं कलाकृतियां
बरेली। बरेली कॉलेज में राज्य ललितकला अकादमी और ललितकला विभाग के संयुक्त तत्वावधान में शनिवार को कला प्रदर्शनी शुरू हुई। तीन दिवसीय प्रदर्शनी का शुभारंभ ललितकला अकादमी के अध्यक्ष डॉ. आरएस पुंडीर ने किया। इस अवसर पर उन्होंने मां सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप जलाकर प्रदर्शनी का अवलोकन किया। उन्होंने कहा कि कलाकृतियां सृजन के विविध आयामों को प्रस्तुत करती हैं। यह प्रदर्शनी बरेली क्षेत्र की रचनात्मक उपलब्धि है। इनमें से कुछ कृतियां नई संभावनाओं की ओर उन्मुख हैं।
अकादमी के तत्वावधान में पिछले वर्ष से प्रदेश को आठ क्षेत्रों में बांटकर शिक्षक दिवस पर उन क्षेत्रों के कला आचार्यों के चित्रों की प्रदर्शनी का आयोजन किया जा रहा है। इसमें बरेली के अलावा शाहजहांपुर, बदायूं, मुरादाबाद, बिजनौर, रामपुर, पीलीभीत, संभल और अमरोहा जिले शामिल हैं। प्रतिभाग करने वाले कलाकारों में डॉ. गीता अग्रवाल, डॉ. अनुराधा आर्य, डॉ. आनंद लखटकिया, डॉ. सूरज साहू, दिवाकर आर्य, डॉ. आशीष कुमार सिंह, डॉ. मुक्ता मणि, छवि मेहरोत्रा मृदुला त्यागी, कुसुम यादव, मनोज वर्मा, प्रज्ज्वल पुंडीर, डॉ. तरुण कुमार वर्मा आदि शामिल रहे। ललितकला विभाग की अध्यक्ष एवं प्रदर्शनी की संयोजिका डॉ. मंजु सिंह ने बताया कि प्रदर्शनी में 45 कला शिक्षकों ने प्रतिभाग किया। हालांकि विश्वविद्यालय में एक कार्यक्रम के चलते प्राचार्य डॉ. अनुराग मोहन प्रदर्शनी में नहीं पहुंचे।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें