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पढ़ाई के बाद नौकरी करने की नहीं, देने की सोचिए

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बरेली। स्टार्ट अप को लांच करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बेरोजगार शिक्षित युवाओं का नौकरी के लिए चक्कर काटने के बजाय अपना उद्यम शुरू कर नौकरी देने लायक बनने का आह्वान किया था, ठीक यही बात मंगलवार को रुहेलखंड विश्वविद्यालय में टेकिप प्रोजेक्ट के तहत आयोजित ‘स्टार्टअप इन्वेस्टर्स मास्टरक्लास एंड पिच डे’ वर्कशॉप में आए विशेषज्ञों ने भी कही। उन्होंने छात्र-छात्राओं को स्टार्टअप के लिए प्रोत्साहित करते हुए नौकरी करने का लक्ष्य तय करने के बजाय स्टार्टअप के जरिये नौकरी देने वाला बनने की सलाह दी।
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रुहेलखंड विश्वविद्यालय के ट्रेनिंग एंड प्लेसमेंट सेल में आयोजित वर्कशॉप में वेंचर कैटलिस्ट के विशेषज्ञों ने तकनीकी पाठ्यक्रम बीटेक, एमबीए के छात्र-छात्राओं को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि मौजूदा समय में सबकी नौकरी की तलाश पूरी नहीं हो सकती जब तक कि नए उद्यम न शुरू हों। ऐसे में छात्र-छात्राओं को अपने स्टार्टअप शुरू करने पर फोकस करना चाहिए। वेेंचर कैटलिस्ट ने अब तक 140 कंपनियों में 954 करोड़ रुपये निवेश किए हैं। बताया गया कि अगर कोई छात्र-छात्रा अपना स्टार्टअप शुरू करना चाहता है और उसके प्रोजेक्ट में दम है तो कंपनी उसे 3-10 करोड़ तक का फंड दे सकती है। विश्वविद्यालय के टेकिप काओर्डिनेटर प्रो. मनोज कुमार सिंह ने बताया कि स्टार्टअप शुरू करने वाले छात्र-छात्राओं को पढ़ाई के दौरान उपस्थिति को लेकर कोई दिक्कत नहीं होने दी जाएगी। इसमें उन्हें विश्वविद्यालय से सहूलियत दिलाने के प्रयास होंगे। साथ ही छात्र-छात्राओं को विश्वविद्यालय के पते पर कंपनी रजिस्टर कराने की छूट दिलाने के प्रयास किए जाएंगे। प्रोग्राम कोआर्डिनेटर प्रकाश चंद्र मिश्रा ने बताया कि टेकिप प्रोजेक्ट के तहत विश्वविद्यालय भी स्टार्टअप शुरू करने वाले छात्रों को फंडिंग कर सकता है और ज्यादा से ज्यादा सहूलियत दे सकता है। इस दौरान वेंचर कैटलिस्ट की ओर से विनायक नाथ, सौरभ सिंह, डॉ. डीडी शर्मा आदि मौजूद रहे। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि कुलपति प्रो. अनिल शुक्ल रहे।
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