बरेली। साल 2000 से पहले सशर्त मान्यता लेने वाले इंटर कॉलेजों की जांच कर मानक पूरे कराने और कार्रवाई करने के लिए शासन ने इसी साल फरमान जारी किया था। शासन के आदेश पर बरेली समेत मंडल के 150 कॉलेजों को नोटिस जारी किए गए, लेकिन कार्रवाई किसी भी कॉलेज पर नहीं हुई। कुछ कॉलेजों को डीआईओएस ने नोटिस तो जारी किए, लेकिन नतीजा कुछ नहीं निकला। अब विभाग इन कॉलेजों की फाइल ही दबाकर बैठ गया है।
बरेली, शाहजहांपुर, पीलीभीत और बदायूं में 9(4) की मान्यता वाले 150 कॉलेजों की सूची शासन से जारी हुई थी। इसमें बरेली में 75 से ज्यादा कॉलेज थे। इन कॉलेजों को मान्यता देते वक्त शर्त थी कि भविष्य में मानक पूरे कर लेंगे। अगर मानक पूरे नहीं किए तो इन कॉलेजों पर मान्यता प्रत्याहरण की कार्रवाई की जाए। इन कॉलेजों को मानकों के अनुसार प्रयोगशाला, बिल्डिंग का विस्तार आदि कार्य करने थे। अधिकतर कॉलेजों ने यह कहते हुए मानक पूरे नहीं किए कि अब शहर या कस्बों के बीच में होने से भवन का विस्तार करना संभव नहीं है। शासन से आदेश जारी होने के बाद टीमें बनाकर इन कॉलेजों का भौतिक सत्यापन कराकर डीआईओएस को कार्रवाई करनी थी। कुछ दिन कार्रवाई का हल्ला कटा, लेकिन अब मामला ठंडे बस्ते में डाल दिया गया। शासन द्वारा चिह्नित कॉलेज आज भी मानक पूरे किए बगैर ही चल रहे हैं।
जेडी डॉ. प्रदीप कुमार के अनुसार कॉलेजों का निरीक्षण कर मानक पूरे न करने वाले कॉलेजों पर कार्रवाई का आदेश आया था। बोर्ड की तरफ से जारी सूची को डीआईओएस को भेजी गई थी। उसमें क्या कार्रवाई रही इसके बारे में जानकारी ली जाएगी।