बरेली। अधिवक्ता परिषद की ओर से आयोजित स्वध्याय मंडल में आपराधिक चिकित्सा शास्त्र पर वकीलों ने विचार व्यक्त किए। इस मौके पर अधिवक्ता अरुण कुमार सक्सेना ने कहा कि फौजदारी के वकीलों को चुटैल व मौके गवाहों से जिरह से पहले मेडिकल रिपोर्ट व पोस्टमार्टम रिपोर्ट का गंभीरता से अध्ययन करना चाहिए। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि चोटें की भी कई प्रकार की होती हैं। इस मौके पर अधिवक्ता भारत भूषण शील, पूरन लाल प्रजापति, राजेश यादव, राधा कमल सारस्वत, सरनाम सिंह, प्रवीण सक्सेना आदि मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन अनुज कांत सक्सेना ने किया।