बरेली। समाजशास्त्र विभाग में छात्रा का उपहास उड़ाने और मोबाइल फोन तोड़ने के मामले में आरोपों का सामना कर रहे एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. उमाचरन गंगवार के जवाब से अब नया मोड़ आ गया है। उन्होंने कहा है कि छात्रा ने गलत तरीके से एडमिशन लिया है और खुद को फंसता देख उसे निरस्त कराना चाहती थी। इसके लिए ही उसने पूरी साजिश रची है। डॉ. उमाचरन का जवाब आने के बाद प्राचार्य डॉ. अजय कुमार शर्मा ने मामले की जांच के लिए डॉ. पूर्णिमा अनिल, डॉ. नवनीत कौर आहूजा और डॉ. एसी त्रिपाठी की तीन सदस्यीय कमेटी बना दी है।
बरेली कॉलेज में समाजशास्त्र विभाग में एमए प्रथम वर्ष की छात्रा ने आरोप लगाया था कि 18 सितंबर को जब वह कक्षा में पहुंची तो डॉ. उमाचरन गंगवार ने उसका उपहास उड़ाया और तालियां बजवाईं। विरोध करने पर मोबाइल फोन भी तोड़ दिया। मामले में प्राचार्य डॉ. अजय कुमार शर्मा ने डॉ. उमाचरन को नोटिस दिया था। सोमवार को डॉ. उमाचरन गंगवार ने प्राचार्य को अपना जवाब सौंप दिया है। उन्होंने अपने जवाब में कहा है कि छात्रा ने अंग्रेजी से एमए करने के बाद संस्थागत छात्रा के तौर पर एडमिशन लिया है। सबूत के तौर पर उन्होंने मार्कशीट भी लगाई है। कहा कि छात्रा को अपने फंसने का डर सताया तो वह डॉ. नवनीत कौर आहूजा और डॉ. रविंद्र बंसल से एडमिशन निरस्त कराने को लेकर मिली भी थी। कहीं से मदद नहीं मिली तो एडमिशन निरस्त कराने के लिए यह साजिश रची। यह जवाब आने के बाद प्राचार्य ने मामले की जांच के लिए कमेटी गठित कर दी है। उनका कहना है कि कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर ही अब इस मामले में कार्रवाई होगी।