फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

रुहेलखंड विश्वविद्यालय के शोध छात्रों को ‘आरएफआरएफ’ से मिलेगा सहयोग

विज्ञापन
विज्ञापन

विश्वविद्यालय में आयोजित भारतीय शिक्षण मंडल के जिला सम्मेलन में एमओयू पर दस्तखत

बरेली। सामाजिक उत्थान की दिशा में होने वाले शोध कार्यों में रुहेलखंड विश्वविद्यालय के छात्रों को आरएफआरएफ (रिसर्च फॉर रिसर्जेंस फाउंडेशन) से सहयोग मिलेगा। सोमवार को रुहेलखंड विश्वविद्यालय के एमबीए सभागार में हुई भारतीय शिक्षण मंडल, बृज प्रांत (बरेली, बदायूं, शाहजहांपुर) के जिला सम्मेलन में रुहेलखंड विश्वविद्यालय और आरएफआरएफ के बीच इसको लेकर एमओयू (मेमोरंडम ऑफ अंडरस्टेंडिंग) पर दस्तखत हुए। इसके तहत आरएफआरएफ के 500 से अधिक विषयों में शोध करने पर रुहेलखंड विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राओं को मार्गदर्शन और आर्थिक सहयोग मिलेगा।
विज्ञापन

आयोजन के दौरान भारतीय शिक्षण मंडल के राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष राजेंद्र पाठक ने बताया कि यह संगठन सरकार को शिक्षा पद्धति में भारतीयता एवं पाठ्यक्रम संबंधी सुझाव देता है। वर्तमान में इसके करीब 70 प्रतिशत सुझाव शिक्षा नीति में शामिल किए गए हैं। रुहेलखंड विश्वविद्यालय और संस्था के बीच हुए एमओयू को लेकर कुलपति प्रो. अनिल शुक्ल ने बताया कि शोधार्थियों के लिए यह मील का पत्थर साबित होगा। उन्होंने कहा कि शोध बचपन से शुरू होने चाहिए ताकि बच्चों में रचनात्मकता आए, यही शोध के लिए उपयोगी भी होगा।
उमाशंकर पचौरी ने शोध के क्षेत्र में संगठन के योगदान पर चर्चा की। प्रांत मंत्री अमित रावत ने संगठन के क्रियाकलापों और आगामी कार्यक्रमों की जानकारी दी। बताया कि अप्रैल 2020 में नागपुर के कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और संघ प्रमुख मोहन भागवत का सानिध्य मिलेगा। संचालन कर रहे प्रो. रविंद्र सिंह ने कहा कि अनुसंधान और डॉक्यूमेंटेशन ठीक न होने से हमारा कोई भी विश्वविद्यालय विश्व के टॉप 200 में नहीं है। हमारे अनुसंधान प्रकाशित न होने से दूसरे देश उसका पेटेंट करा लेेते हैं। कार्यक्रम के दौरान खंडेलवाल कॉलेज के विनय खंडेलवाल समेत 60 लोगों ने सदस्यता भी ग्रहण की। इस दौरान प्रो. पीबी सिंह, प्रो. एके गुप्ता, प्रो. एके जैतली, प्रो. तूलिका सक्सेना, प्रो. एसके तोमर, डॉ. एसएस बेदी आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें