बरेली। छात्र को अनुपस्थित बताकर प्रैक्टिकल परीक्षा में फेल करने के बाद अब कॉलेज प्रशासन ने अपनी भूल स्वीकारी है। कुलपति को लिखे पत्र में कॉलेज प्रशासन ने छात्र को अनुपस्थित दिखाने को मानवीय त्रुटि बताया है। साथ ही छात्र के प्रैक्टिकल के अंकों को परीक्षा परिणाम में जोड़ने का अनुरोध किया है।
बिजनौर के कालेज में पढ़ रहे बीपीएड के द्वितीय वर्ष के छात्र शशि प्रकाश ने पिछले दिनों कॉलेज प्रशासन पर रुपये मांगने का आरोप लगाया था। साथ ही, रुपये न देने पर प्रैक्टिकल परीक्षा में अनुपस्थित दिखाने की शिकायत कुलपति से की थी। शशि का आरोप था कि कॉलेज की फीस जमा करने के बाद भी 30 हजार रुपये अतिरिक्त मांगे जा रहे थे। इसके लिए कॉलेज उनपर दबाव बना रहा था। रुपये न देने पर कॉलेज प्रशासन ने प्रैक्टिकल में अनुपस्थित दिखा दिया। मामले पर सछास के पदाधिकारियों ने कुलपति से मिलकर मामले पर कार्रवाई की मांग की थी। इस पर कुलपति ने बिजनौर के संबंधित कॉलेज को पत्र लिखकर संबंधित आरोपों पर स्पष्टीकरण मांगा था और कार्रवाई की चेतावनी दी थी। कु लपति का पत्र मिलने के बाद कॉलेज ने दिए स्पष्टीकरण में छात्र को प्रैक्टिकल में अनुपस्थित दिखाने को मानवीय त्रुटि बताया और छात्र के प्रैक्टिकल के अंक को जोड़कर परीक्षा परिणाम संशोधित करने का अनुरोध किया है।