बरेली। रुहेलखंड विश्वविद्यालय ने एमए संगीत की छात्रा का टॉपर बदल दिया है। अब एक वर्ष फेल होने के चलते 80 प्रतिशत अंक पाने वाली छात्रा का नाम हटाकर 76.75 प्रतिशत अंक लाने वाली छात्रा को मेडल दिया जाएगा। इसके साथ ही एम फार्मा का रिजल्ट घोषित होने के बाद बुधवार को टॉपर्स की संख्या 84 से बढ़कर 85 हो गई।
रुहेलखंड विश्वविद्यालय से संबद्ध वीरांगना रानी अवंतीबाई लोधी महिला महाविद्यालय से एमए संगीत की छात्रा सुरवाला ने वर्ष 2019 में परीक्षा पास करके 80 प्रतिशत अंक हासिल किए। सुरबाला ने वर्ष 2016 में एमए संगीत में एडमिशन लेने के बाद परीक्षा दी और पास हो गई लेकिन वर्ष 2017 में एक पेपर देने के बाद उसने मेडिकल लीव ले ली और तीन पेपर नहीं दिए। इसके बाद वर्ष 2018 में एक वर्ष खाली छोड़ने के बाद वर्ष 2019 में परीक्षा उत्तीर्ण की। इस पर विश्वविद्यालय ने उसे टॉपर्स की सूची में शामिल करके मेडल पाने के लिए निमंत्रण पत्र भी भेज दिया। मगर बुधवार को उसका नाम इस सूची से काटकर साहू राम स्वरूप महिला महाविद्यालय की 76.75 प्रतिशत अंक पाने वाली छात्रा दीक्षा द्विवेदी को गोल्ड मेडल के लिए चयनित किया है। इसके पीछे विश्वविद्यालय का तर्क यह है कि एक पेपर देने के बाद अन्य पेपर में अनुपस्थित होने के चलते सुरबाला फेल हो गई और फेल छात्रा को मेडल नहीं दिया जा सकता।
छात्र-छात्राएं दो वर्ष के कोर्स को तीन वर्ष में पूरा करें या चार वर्ष में, लेकिन उन्हें किसी भी वर्ष फेल नहीं होना चाहिए। अगर परीक्षा छूटी हुई है तो उसे टॉपर्स की सूची में शामिल कर लिया जाता है लेकिन फेल छात्र-छात्रा को मेडल नहीं दिया जा सकता।
- प्रो. एके जैतली, डीन स्टूडेंट वेलफेयर