बरेली। रुहेलखंड विश्वविद्यालय अगले सत्र से इंटीग्रेटेड एमबीए शुरू करने की तैयारी में है। इसमें बीबीए और एमबीए कोर्स की एक साथ पढ़ाई होगी। पहले दोनों कोर्स करने में पांच साल का समय लगता था लेकिन इंटीग्रेटेड एमबीए चार साल का होगा। इससे छात्र-छात्राओं का एक साल का समय बचेगा।
अगले शैक्षिक सत्र से शिक्षक बनने के लिए चार वर्षीय पाठ्यक्रम शुरू होने जा रहा है। इसी तर्ज पर रुहेलखंड विश्वविद्यालय इंटीग्रेटेड एमबीए शुरू करने की तैयारी में हैं। इस पर काम शुरू किया जा चुका है। रुहेलखंड विश्वविद्यालय में मैनेजमेंट पाठ्यक्रम के डीन प्रो. पीबी सिंह ने बताया कि इस समय बीबीए करने में तीन साल और फिर एमबीए करने में दो साल का समय लगता है। यानी कोई भी छात्र-छात्रा एमबीए करने के लिए पांच साल का समय खर्च करता है। इंटीग्रेटेड एमबीए ऐसा कोर्स होगा, जिसमें बीबीए और एमबीए, दोनों ही कोर्स की पढ़ाई चार साल में कराई जाएगी। इससे छात्र-छात्राओं का एक साल का समय भी बचेगा। उन्होंने बताया कि इंटीग्रेटेड एमबीए का कोर्स तैयार करने के साथ ही अन्य औपचारिकताएं शुरू कर दी गई हैं। आगामी शैक्षिक सत्र 2020-2021 से इसे शुरू करने की तैयारी है।