बरेली। यूएफएम में फंसे बीपीएड के 35 छात्र-छात्राओं के रिजल्ट पर सोमवार को विश्वविद्यालय प्रशासन अपना निर्णय देगा। सूत्रों का कहना है कि विश्वविद्यालय इन छात्र-छात्राओं पर सामान्य जुर्माना लगाकर राहत देने की तैयारी में है। वहीं, इस खेल में शामिल निजी कॉलेज और विश्वविद्यालय के जिम्मेदारों पर कार्रवाई की तैयारी है।
बीपीएड की परीक्षा के दौरान विश्वविद्यालय कैंपस में 21 ऐसे छात्र-छात्राओं को पकड़ा था, जिनकी कॉपी पर उनके रोल नंबर और कॉलेज के नाम लिखे थे। परीक्षा विभाग ने इसे कोडिंग तोड़ने की कोशिश मानते हुए 21 छात्र-छात्राओं पर यूएफएम के तहत कार्रवाई की थी। मूल्यांकन के दौरान भी 14 छात्र-छात्राओं की कॉपी पर रोल नंबर और कॉलेज के नाम लिखे हुए पकड़े। इसके बाद दोनों ही मामलों में फंसे 35 छात्र-छात्राओं का रिजल्ट रोक दिया गया। पिछले दिनों इन छात्र-छात्राओं ने विश्वविद्यालय में तीन-चार दिन तक हंगामा किया था। इस पर विश्वविद्यालय प्रशासन ने दस दिन में इनके रिजल्ट पर निर्णय लेने को कहा था। अब सोमवार को निर्णय देने की तैयारी है। सूत्रों की मानें तो जांच कमेटी ने यह माना है कि यूएफएम में बेशक 35 छात्र-छात्राएं फंसे हों, लेकिन गड़बड़ी अन्य छात्रों ने भी की। ऐसे में सामान्य कार्रवाई करके इनका रिजल्ट जारी किया जा सकता है। वहीं, चर्चा है कि इस पूरे खेल के पीछे शामिल निजी कॉलेज के प्राचार्य और वहां के एक शिक्षक पर विश्वविद्यालय प्रशासन कार्रवाई करने की तैयारी में है।