बरेली। 25 जुलाई 2017 को शिक्षामित्रों का समायोजन रद्द किए जाने के विरोध में गुरुवार को शिक्षामित्रों ने काला दिवस के रूप में मनाया। इस दौरान उन्होंने काली पट्टी बांधकर कार्य किया।
उप्र प्राथमिक शिक्षामित्र संघ के जिलाध्यक्ष डॉ. केपी सिंह ने बताया कि दो सालों में बरेली के सात शिक्षामित्र की मृत्यु हो चुकी है। कहा, सरकार शिक्षामित्रों की अनदेखी कर रही है और 40 हजार के बजाय दस हजार मासिक वेतन दे रही है।
उन्होंने बताया कि कम वेतनमान से परिवार पर आर्थिक संकट मंडरा रहा है। घर खर्च, बच्चों की एडमिशन फीस व अन्य समस्याएं आ रही हैं, जो तनावग्रस्त शिक्षामित्रों की मौत की वजह बन रही हैं। कहा, शिक्षकों की तरह ही शिक्षामित्र भी कार्य करते हैं। इसलिए 25 जुलाई गुरुवार को शिक्षामित्रों ने काला दिवस के तहत काली पट्टी बांधकर शिक्षण कार्य किया।